एसईसीएल की मानिकपुर खदान विस्तार पर विरोध तेज, 21 अगस्त की जनसुनवाई के खिलाफ कोयला मजदूर सभा ने उठाई आवाज

कोरबा 18 अगस्त। हिंद मजदूर सभा (एचएमएस) से संबद्ध और नाथूलाल पाण्डेय के नेतृत्व वाली कोयला मजदूर सभा ने एसईसीएल की मानिकपुर ओपनकास्ट खदान के प्रस्तावित विस्तार को लेकर 21 अगस्त 2026 को होने वाली जनसुनवाई का विरोध किया है। संगठन का कहना है कि क्षेत्र के ग्रामीणों से जुड़े पुराने और लंबित मुद्दों का निराकरण किए बिना परियोजना विस्तार की प्रक्रिया आगे बढ़ाना उचित नहीं है।
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के मानिकपुर ओपनकास्ट एक्सपेंशन प्रोजेक्ट की क्षमता बढ़ाने के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (सीईसीबी) की ओर से 21 अगस्त 2026 को जनसुनवाई निर्धारित की गई है।
प्रस्तावित विस्तार के तहत मानिकपुर ओपनकास्ट प्रोजेक्ट की वार्षिक उत्पादन क्षमता को 5.25 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) से बढ़ाकर 7 एमटीपीए करने का प्रस्ताव है। यानी परियोजना की क्षमता में 1.75 एमटीपीए की वृद्धि होगी। इसके साथ ही परियोजना का क्षेत्रफल भी बढ़ाने का प्रस्ताव है। मौजूदा परियोजना क्षेत्रफल करीब 1018.925 हेक्टेयर बताया गया है, जिसे बढ़ाकर 1031.507 हेक्टेयर किए जाने की योजना है।
प्रस्तावित विस्तार से मिलाईभांठा, दादर, मानिकपुर, इस्मलीडुग्गू, जरहद और कुकरी सहित आसपास के क्षेत्रों पर प्रभाव पड़ने की बात सामने आई है। इन्हीं क्षेत्रों से जुड़े ग्रामीणों की मांगों और पूर्व में किए गए आश्वासनों को लेकर कोयला मजदूर सभा ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
कोयला मजदूर सभा का कहना है कि उसका विरोध विकास या कोयला उत्पादन बढ़ाने के खिलाफ नहीं है, बल्कि ग्रामीणों से किए गए वादों के लंबित रहने को लेकर है। संगठन के अनुसार, एसईसीएल प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच पूर्व में हुई चर्चाओं में जिन समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया था, पहले उन पर ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। इसके बाद ही परियोजना विस्तार को लेकर नई जनसुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए।
सभा ने प्रभावित ग्रामीणों से जुड़े स्वास्थ्य सुविधाओं, मूलभूत सुविधाओं, मुआवजा, पुनर्वास और आजीविका से संबंधित लंबित समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की है। संगठन का कहना है कि प्रभावित परिवारों के जीवन, स्वास्थ्य, सम्मान और रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दिए बिना परियोजना विस्तार की प्रक्रिया आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा।
मानिकपुर ओपनकास्ट प्रोजेक्ट की उत्पादन क्षमता को 7 एमटीपीए तक बढ़ाने के प्रस्ताव के बीच 21 अगस्त की जनसुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक ओर एसईसीएल परियोजना विस्तार के जरिए कोयला उत्पादन बढ़ाने की तैयारी में है, वहीं दूसरी ओर प्रभावित क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर ग्रामीणों और श्रमिक संगठन की ओर से विरोध के स्वर सामने आए हैं। अब निगाहें 21 अगस्त को होने वाली जनसुनवाई पर टिकी हैं, जहां परियोजना विस्तार से जुड़े पर्यावरणीय और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
