12वें वेतन समझौते को लेकर कोयला मजदूरों का प्रदर्शन, जेबीसीआई गठन की मांग: आंदोलन तेज करने की चेतावनी

कोरबा। कोरबा के गेवरा-दीपका कोयला क्षेत्र में श्रमिकों के वेतन और सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दे को लेकर सोमवार को कोयला मजदूर पंचायत, हिंद मजदूर सभा (HMS) ने क्षेत्रीय मुख्यालय के सामने प्रदर्शन किया। सुबह करीब 11 बजे बड़ी संख्या में यूनियन पदाधिकारी और कार्यकर्ता गेवरा-दीपका क्षेत्रीय मुख्यालय पहुंचे और 12वें जेबीसीआई के तत्काल गठन की मांग को लेकर कोल इंडिया प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शन के बाद यूनियन प्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जेबीसीआई के गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

12वें वेतन समझौते को लेकर बढ़ी चिंता

यूनियन नेताओं के मुताबिक, कोयला श्रमिकों का 12वां वेतन समझौता 1 जुलाई 2026 से लागू होना प्रस्तावित है। वेतन निर्धारण, भत्तों और अन्य सेवा शर्तों पर चर्चा के लिए जेबीसीसीआई (Joint Bipartite Committee for the Coal Industry) का समय पर गठन जरूरी है।

संगठन का कहना है कि कमेटी के गठन में देरी होने से वेतन समझौते की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इससे देशभर के कोयला श्रमिकों में असंतोष बढ़ने की आशंका है।

वेतन, भत्ते और सुविधाओं पर जेबीसीआई में होती है चर्चा

यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि जेबीसीआई कोल इंडिया और उसकी अनुषंगी कंपनियों में काम करने वाले श्रमिकों के वेतन और सेवा शर्तों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का प्रमुख मंच है।

वेतनमान के अलावा भत्ते, आवास, चिकित्सा सुविधा और अन्य सेवा संबंधी लाभों को लेकर भी इसी प्रक्रिया के तहत निर्णय लिए जाते हैं। इसलिए संगठन ने कमेटी का गठन जल्द से जल्द करने की मांग की है।

देशभर में प्रदर्शन का हिस्सा

यूनियन के अनुसार, यह प्रदर्शन चार प्रमुख केंद्रीय श्रम संगठनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर आयोजित किया गया। इसी क्रम में 10 अगस्त 2026 को देश के विभिन्न कोयला क्षेत्रों में महाप्रबंधक कार्यालयों के सामने ध्यानाकर्षण कार्यक्रम और प्रदर्शन किए गए।

गेवरा-दीपका में भी श्रमिक संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बैनर-पोस्टर लेकर मुख्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।

मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी

ज्ञापन सौंपते हुए यूनियन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कहा कि कोयला श्रमिकों के वेतन और सेवा शर्तों से जुड़ा यह महत्वपूर्ण विषय है। यदि 12वें जेबीसीआई के गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू नहीं की गई, तो संगठन आंदोलन को और तेज करेगा।

यूनियन ने जरूरत पड़ने पर कार्य बहिष्कार सहित राष्ट्रव्यापी आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

हालांकि, सोमवार को गेवरा-दीपका मुख्यालय के सामने हुआ प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे।

Spread the word