घोटाला के आरोपी कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल की जमानत याचिका खारिज

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी और कथित शराब घोटाला मामलों में आरोपी कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को बुधवार को अदालत से राहत नहीं मिली। विशेष अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए कोल लेवी मामले में 14 अगस्त और शराब घोटाला मामले में 19 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

न्यायिक रिमांड पूरी होने पर आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा ने रामगोपाल अग्रवाल को अदालत में पेश किया। सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने मामले की जांच जारी होने और महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेजों के सत्यापन का हवाला देते हुए न्यायिक हिरासत बढ़ाने का आग्रह किया। अदालत ने दोनों मामलों में उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने के बाद जमानत याचिका निरस्त कर दी।आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा के अधिवक्ता सौरभ पांडे ने इसकी पुष्टि की।

जांच एजेंसियों के अनुसार, रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका कथित शराब घोटाले, कोल लेवी वसूली और कस्टम मिलिंग से जुड़े अवैध वित्तीय लेन-देन के प्रबंधन में होने का आरोप है। इन्हीं आरोपों के आधार पर उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि कई वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों की जांच अभी भी जारी है तथा अन्य आरोपियों से जुड़े तथ्यों का मिलान किया जा रहा है।

करीब तीन वर्षों तक फरार रहने के बाद रामगोपाल अग्रवाल ने 8 जुलाई 2026 को रायपुर स्थित आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा कार्यालय में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद EOW ने उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया था।

कथित शराब घोटाले की जांच पहले से प्रवर्तन निदेशालय कर रहा है।आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा की जांच के आधार पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भी अपराध दर्ज किया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस कथित घोटाले में 3,200 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितताएं हुईं। मामले में कई राजनेताओं, आबकारी विभाग के अधिकारियों और कारोबारियों के खिलाफ जांच जारी है।

जांच एजेंसियों का आरोप है कि तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में एक कथित सिंडिकेट के जरिए शराब कारोबार में अवैध वसूली का नेटवर्क संचालित किया गया। वर्ष 2019 में रायपुर के एक होटल में हुई बैठक में शराब की प्रत्येक पेटी पर कथित कमीशन वसूली की व्यवस्था तय किए जाने का भी आरोप है। हालांकि, इन सभी आरोपों पर न्यायालय में सुनवाई जारी है और अभी तक किसी भी आरोपी को दोषी घोषित नहीं किया गया है।

अदालत के ताजा आदेश के बाद रामगोपाल अग्रवाल फिलहाल न्यायिक हिरासत में रहेंगे और निर्धारित तिथियों पर उन्हें दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।

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