दिल्ली के जंतर-मंतर पर गर्जे कोरबा के भू-विस्थापित

कोरबा 26 जुलाई। कोरबा जिले के भू-विस्थापितों की आवाज अब देश की राजधानी दिल्ली में गूंज रही है। साउथ ईस्टर्न कोल्फील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ शनिवार को युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर जोरदार प्रदर्शन किया।
युवा कांग्रेस के ग्रामीण जिला अध्यक्ष विकास सिंह और उनके साथियों ने मोर्चा संभाला। उन्होंने वर्षों से लंबित मुआवजा, सही पुनर्वास, स्थानीय युवाओं को स्थायी रोजगार और खदानों से बढ़ते भयावह प्रदूषण पर हुंकार भरी। उनका कहना है कि कोरबा का संघर्ष अब सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है। प्रदर्शन में शामिल युवा कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार और एसईसीएल प्रबंधन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा की ‘कोरबा से निकलने वाला कोयला पूरे देश को रोशन करता है, लेकिन वहां के मूल निवासी आज विस्थापन, जहरीली हवा और बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। जमीनों का अधिग्रहण तो कर लिया गया, लेकिन वादे के मुताबिक न तो उचित मुआवजा मिला और न ही रोजगार। युवा कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि यदि एसईसीएल प्रबंधन और केंद्र सरकार ने जल्द ही इन मांगों का स्थायी समाधान नहीं निकाला, तो इस आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा और इसे देशभर में फैलाया जाएगा।
