ईरान संकट गहराया: लाल सागर में हूति विद्रोहियों ने किया हमला, टेंकर में आग

दुबई/वॉशिंगटन. अमरीका और ईरान के बीच जारी संघर्ष का दायरा बढ़ता जा रहा है। ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों एन्सेलिया और लायला पर मिसाइल व ड्रोन से हमला करने का दावा किया। इसके साथ ही हृतियों ने सऊदी जहाजों के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी की चेतावनी भी दी। दूसरी ओर, अमरीका ने लगातार 12वीं रात ईरान के मिसाइल, ड्रोन और सैन्य ठिकानों पर हमले किए। जवाब में ईरान समर्थित हमलों और क्षेत्रीय तनाव के कारण बहरीन में सायरन बजाए गए तथा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई।

संघर्ष का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखने लगा है। ब्रेंट कच्चा तेल करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया है। अमरीकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान जब तक स्थायी शांति के लिए गंभीर कदम नहीं उठाएगा, उस पर सैन्य दबाव जारी रहेगा। वहीं, ईरान ने साफ कहा कि वह “आंख के बदले आंख” की नीति पर कायम रहेगा।

तेल और शिपिंग पर बढ़ा खतरा

हृतियों ने सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों एन्सेलिया और लायला पर हमले का दावा किया है। एन्सेलिया में आग लगने की भी सूचना है। बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से दुनिया के करीब 12% समुद्री व्यापार का आबागमन होता है। यदि यहां आवाजाही बाधित होती है तो जहाजों को अफ्रीका के दक्षिणी सिरे से लंबा रास्ता अपनाना पड़ सकता है, जिससे तेल, माल ढुलाई और बीमा लागत बढ़ने की आशंका है।

भारतवंशी अमरीकी सार्जेंट एंजेला की मौत

जॉर्डन के मुवाफ्फक सल्ती एयर बेस पर ईरान समर्थित हमले में भारतीय मूल की 25 वर्षीय अमरीकी सेना की सार्जेंट एंजेला रामप्रसाद की मौत हो गई। अमरीकी रक्षा विभाग ने इसकी पुष्टि की है। एंजेला 2018 में सेना में भर्ती हुई थीं। इस हमले में कई अन्य अमरीकी सैनिक भी मारे गए और घायल हुए।

रूस की भूमिका पर अमरीका की नजर

अमरीका रूस की भूमिका पर नजर रख रहा है। अमरीकी खुफिया एजेंसियां जांच कर रही हैं कि ईरान के हालिया हमलों में रूस ने लक्ष्य संबंधी खुफिया जानकारी, तकनीकी सहायता या ड्रोन संचालन में कोई सहयोग दिया या नहीं। फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।

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