7 वीं से 9 वीं तक के विद्यार्थियों पर अभी नहीं लागू होगी नई भाषा नीति

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने तीन-भाषा नीति को लेकर विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 7, 8 और 9 में पढ़ रहे विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई के बीच भाषा बदलने की आवश्यकता नहीं होगी। वे कक्षा 10 तक उसी भाषा और विषय की पढ़ाई जारी रख सकेंगे, जिसे वे अभी पढ़ रहे हैं। नई व्यवस्था के अनुसार कम से कम दो भारतीय भाषाएं पढ़ने का प्रावधान केवल उन विद्यार्थियों पर लागू होगा, जो कक्षा 6 में प्रवेश लेंगे। यानी तीन-भाषा नीति चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक कार्यक्रम में स्पष्ट किया कि किसी भी विद्यार्थी को बीच सत्र में भाषा बदलने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। इस संबंध में – सीबीएसई जल्द संशोधित आदेश जारी कर सकता है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के तहत स्किल एजुकेशन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। कक्षा 6 से 8 तक छात्रों के लिए हर वर्ष 110 घंटे का व्यावसायिक प्रशिक्षण अनिवार्य होगा। इसके लिए स्कूलों में स्किल लैब स्थापित की जाएंगी। कक्षा 9 और 10 में कौशल विकास जैसे स्किल विषय अनिवार्य होंगे, जिनका मूल्यांकन आंतरिक व बोर्ड परीक्षा दोनों में किया जाएगा।

यह थी छात्रों की चिंता

सीबीएसई ने जुलाई से नई भाषा नीति लागू करने के निर्देश के बाद स्कूलों व अभिभावकों में चिंता थी कि छात्र वर्षों से विदेशी भाषा पढ़ रहे हैं, उन्हें कक्षा 9 में भारतीय भाषा अपनानी पड़ेगी। इससे छात्रों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। प्रधान ने कहा कि सीबीएसई की गाइडलाइन में पहले से पढ़ रहे छात्रों की स्थिति स्पष्ट नहीं थी। अब इस भ्रम को दूर किया जाएगा।

यह है नई भाषा नीति

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुसार कक्षा 6 से 8 तक छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी। इनमें से दो भारतीय भाषाएं अनिवार्य होंगी।

22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होंगी किताबें

सरकार का कहना है कि 22 भारतीय भाषाओं में पाठ्यपुस्तकें समय पर उपलब्ध कराई जाएंगी। शिक्षकों और अन्य संसाधनों की व्यवस्था करना सीबीएसई की जिम्मेदारी होगी। सरकार का लक्ष्य भारतीय भाषाओं को स्कूल शिक्षा का मजबूत आधार बनाना है।

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