अमरीकी हमलों के बाद ईरान ने कुवैत पर दागी मिसाइलें व ड्रोन

तेहरान/वाशिंगटन. ईरान-अमरीका के बीच बातचीत एक बार फिर पटरी से उतर गई है और युद्धविराम नाजुक स्थिति में पहुंच गया है। गुरुवार को ईरान के बंदर अब्बास में दोबारा अमरीकी हमले के बाद ईरान ने भी जवाची कार्रवाई की। कुवैत में अमरीकी बेस पर मिसाइल व ड्रोन हमले किए गए। इन हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव फिर बढ़ गया है। बंदर अब्बास पर हमले देर रात एक से डेढ़ बजे के बीच हुए। कुवैत में हुए हमलों को लेकर अमरीकी सेंट्रल कमांड ने ईरान पर संघर्ष विराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। ईरान ने भी अमरीकी रक्षात्मक कार्रवाई के दावे को नकार दिया। इस बीच अमरीकी वित्त विभाग ने गुरुवार को ईरान पर नए आर्थिक प्रतिबंध लगाए द. लेबनान में इजराइल ने बड़े हमले किए जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई।
मध्यावधि चुनाव की परवाह नहीं: ट्रंप
ट्रंप ने कैबिनेट बैठक के बाद कहा कि ईरान के साथ बातचीत के दरवाजे खुले हैं, लेकिन मध्यावति चुनाव के चलते किसी तरह के दबाव में आने से इनकार कर दिया। ट्रंप ने कहा कि इससे उनकी युद्ध रणनीति प्रभावित नहीं होगी। इस बीच ट्रंप ने सहयोगी देश ओमान को भी हमला करने की धमकी दे डाली। उन्होंने कहा कि ओमान को ठीक से व्यवहार करना होगा, नहीं तो वह उसे उड़ा देंगे।
अब्राहम अकॉर्डः मुस्लिम देशों पर दबाव
राष्ट्रपति ट्रंप ने अब्राहम समझौते को लेकर फिर मुस्लिम देशों पर दबाव डाला है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब, कतर और अनय देशों को इस समझौते पर तत्काल साइन करना चाहिए। ट्रंप ने यह भी कहा कि मुझे नहीं लगता कि अगर वे अब्राहम अकॉर्ड पर साइन नहीं करते हैं तो हमें ईरान के साथ समझौता करना चाहिए।
