हाथियों की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे रहेंगी निगरानी, केंदई रेंज में लगाए जा रहे ई-आई टावर कैमरे

कोरबा 23 मई। जिले के कटघोरा वनमंडल अंतर्गत लगातार बढ़ रहे मानव-हाथी द्वंद्व और ग्रामीण क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही से होने वाली जनहानि एवं फसल नुकसान की घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेना शुरू कर दिया है। अब जंगलों में हाथियों की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने के लिए ई-आई टावर कैमरा प्रणाली स्थापित की जा रही है।

वन विभाग द्वारा शुरू की गई इस नई व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में हाथियों की मौजूदगी की समय रहते जानकारी मिल सकेगी, जिससे गांवों में सतर्कता बढ़ेगी और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने में मदद मिलेगी। कटघोरा वनमंडल में कुल चार स्थानों पर इस अत्याधुनिक कैमरा प्रणाली को स्थापित किया जा रहा है, जिसमें केंदई वन परिक्षेत्र के दो संवेदनशील स्थान भी शामिल हैं। इस संबंध में केंदई वन परिक्षेत्र अधिकारी अभिषेक दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि केंदई रेंज अंतर्गत रोदे पहाड़ (ढंगबोरा) एवं कापनवापारा क्षेत्र में ई-आई टावर कैमरा का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इन कैमरों की निगरानी क्षमता लगभग पांच किलोमीटर तक होगी। यह प्रणाली दिन और रात दोनों समय प्रभावी रूप से कार्य करेगी तथा जंगलों में हाथियों सहित अन्य वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखेगी। उन्होंने बताया कि कैमरे से प्राप्त जानकारी सीधे नियंत्रण कक्ष, वन अमले एवं हाथी मित्र दल तक पहुंचेगी। जैसे ही हाथियों की गतिविधि किसी गांव या आबादी क्षेत्र की ओर बढ़ती दिखाई देगी, तत्काल संबंधित गांवों को सतर्क किया जाएगा। इससे ग्रामीणों को पहले से सूचना मिल सकेगी और वे सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर आवश्यक सावधानी बरत सकेंगे।

वन विभाग का मानना है कि यह तकनीक मानव-हाथी संघर्ष को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। पिछले कुछ वर्षों में कटघोरा वनमंडल के कई गांवों में हाथियों के प्रवेश से फसल नुकसान, मकान क्षति तथा जनहानि की घटनाएं सामने आती रही हैं। खासकर केंदई क्षेत्र के जंगलों से लगे गांव हाथियों की आवाजाही से अधिक प्रभावित रहे हैं। ऐसे में ई-आई टावर कैमरा प्रणाली ग्रामीणों के लिए राहत की उम्मीद बनकर सामने आई है।

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