अदाणी फाउंडेशन के विकास की बुनियादी सुविधाओं से संवर रही कोरबा के गांवों की तस्वीर

कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा के ग्रामीण इलाकों में बीते एक साल के भीतर बुनियादी सुविधाओं और इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। अदाणी पावर लिमिटेड द्वारा अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के तहत अदाणी फाउंडेशन के माध्यम से क्षेत्र के गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और सौर ऊर्जा जैसे कोर सेक्टर्स पर केंद्रित जमीनी कार्य किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान इस क्षेत्र में सीएसआर के अंतर्गत कई अधोसंरचना विकास की कई पहल की गई। इन पहलों का सीधा असर पताढ़ी, सरगबुंदिया, खोड्डल, ढनढनी और उरगा सहित करीब दो दर्जन गांवों और 18 ग्राम पंचायतों के हजारों लोगों के जीवन स्तर पर सकारात्मक प्रभाव दिखने लगा है।
शिक्षा और खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास
सालाना रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा ध्यान शिक्षा की बुनियादी संरचना को मजबूत करने की पहल की गई। इस पहल के तहत क्षेत्र के 24 गांवों के 48 सरकारी स्कूलों में बच्चों के बीच 4,200 स्कूल किट्स बांटे गए, जिनमें स्कूल बैग, नोटबुक और कंपास किट शामिल हैं। इसके साथ ही 3 गांवों के सरकारी स्कूलों में छात्र और छात्राओं के लिए पृथक नए शौचालयों का निर्माण कराया गया, जिससे 7 स्कूलों के 800 से अधिक छात्र व स्टाफ लाभान्वित हुए हैं। इससे विशेषकर छात्राओं को स्कूल में एक सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिला है और उनकी उपस्थिति में भी सुधार देखा जा रहा है। इसी तरह खोड्डले और रिश्दीहापारा जैसे क्षेत्रों में स्कूल, आंगनवाड़ी और पंचायत भवनों के आसपास दो मजबूत बाउंड्री वॉल बनने से सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है, जिससे 150 से अधिक छात्र और 4,000 से ज्यादा ग्रामीण सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। इसके साथ ही 11 गांवों की 18 आंगनवाड़ियों में न्यूट्रिशन किचन, बैठक व्यवस्था और खेल सामग्री उपलब्ध कराकर उनका सुदृढ़ीकरण किया गया है।
दूसरी ओर, ग्रामीण युवाओं को सेना और राष्ट्रीय खेलों की तैयारी के लिए बेहतर मंच देने के उद्देश्य से एक स्थानीय खेल मैदान का समतलीकरण किया गया है, जिसका उपयोग अब क्षेत्र के हजारों युवा और छात्र शारीरिक प्रशिक्षण के लिए कर रहे हैं। इसके साथ ही कोर ज़ोन के 15 स्कूलों में खेल सामग्री किट्स का वितरण किया गया, जिससे 1,500 से अधिक छात्र लाभान्वित हुए और ग्रामीण इलाकों में एक नई खेल संस्कृति विकसित हो रही है। वहीं कौशल विकास केंद्र में कंप्यूटर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिसकी शुरुआत आगामी जून माह से प्रस्तावित है। जवाहरलाल नेहरू विद्यालय प्रवेश परीक्षा की तैयारी हेतु पांच ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले 15 विद्यालयों में विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित किया जाएगा, जो जनवरी 2027 तक जारी रहेगा।

आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
स्वास्थ्य के क्षेत्र में दूरदराज के इलाकों तक पहुंच बनाने के लिए दोहरे स्तर पर कार्य किया गया है। एक तरफ जहाँ पताढ़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का नवीनीकरण कर उसे एसी, डीप फ्रीजर और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस किया गया है, वहीं अब यह केंद्र आसपास के 18 गांवों के 31,000 से अधिक लोगों के लिए लाइफलाइन बन रहा है। इसके अलावा, जिन इलाकों में अस्पताल दूर हैं, वहाँ मोबाइल हेल्थ केयर यूनिट के जरिए डॉक्टरों की टीम सीधे गांव-गांव पहुंच रही है, जिसने बीते महीनों में 11,557 मरीजों का मुफ्त इलाज कर दवाइयाँ मुहैया कराईं, जिनमें 4,777 पुरुष और 6,780 महिलाएँ शामिल हैं। साथ ही 15 गांवों में 6 मल्टी-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर 2,741 लोगों को मुफ्त चिकित्सा दी गई और विशेष विजन कैंपों के जरिए 2,080 ग्रामीणों तथा 1,000 छात्रों की आंखों की जांच की गई। विशेष कैंपों के जरिए दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 57 आवश्यक सहायक सामग्रियां बांटी गईं, जिनमें 5 ट्राइसाइकिल, 20 वॉकर, 7 व्हीलचेयर, 20 श्रवण यंत्र और 5 बैसाखियां शामिल हैं, जिससे वे सामाजिक जीवन में सक्रिय रूप से भाग ले पा रहे हैं।
बुनियादी ढांचा और सौर ऊर्जा का सुदृढ़ीकरण
गांवों की पुरानी और मुख्य समस्याओं, जैसे जलभराव और अंधेरी गलियों, के स्थायी समाधान के लिए भी बुनियादी ढांचे में सुधार किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे सरगबुंदिया ग्राम पंचायत में नए ड्रेनेज सिस्टम के निर्माण से मानसून के दौरान सब-हेल्थ सेंटर, पंचायत भवन और स्कूलों के आसपास जलभराव की समस्या से करीब 5,500 से अधिक ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। सामुदायिक विकास को गति देने के लिए धंधानी में एक बहुउद्देशीय सामुदायिक केंद्र ‘अदाणी भवन’ का निर्माण शुरू हुआ है, जो पूरा होने के बाद 3,500 से अधिक ग्रामीणों की सामाजिक बैठकों, कौशल प्रशिक्षण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मुख्य ठिकाना बनेगा।
इसके साथ ही पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करते हुए 14 गांवों के प्रमुख चौराहों और बाजारों में 64 सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं, जिससे 25,821 लोगों का जीवन सुरक्षित हुआ है। इसके अतिरिक्त देवरामाल और कुदुरमई में दो हाई-मास्ट सोलर लाइटें स्थापित की गई हैं, जिससे 6,481 लोगों को सुविधा मिली है। इससे न सिर्फ रात के समय ग्रामीणों और महिलाओं की आवाजाही सुरक्षित हुई है, बल्कि स्थानीय छोटे दुकानदारों के व्यापार के घंटे भी बढ़े हैं। सामाजिक जुड़ाव के तहत आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट में 24 टीमों के 320 खिलाड़ियों ने भाग लिया। जलवायु संरक्षण के अंतर्गत तालाबों का गहरीकरण एवं सौंदर्यीकरण किए जाने का प्रस्ताव है, जिसके साथ ही ढनढनी क्षेत्र में वृक्षारोपण कार्य और विभिन्न ग्राम पंचायतों में सीसी रोड निर्माण कार्य भी प्रस्तावित है।

महिला एवं बाल विकास को मजबूती
महिला एवं बाल विकास के अंतर्गत स्थानीय आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति में व्यापक सुधार किया गया है। बच्चों के बैठने की व्यवस्था, खेल सामग्री और न्यूट्रिशन किचेन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के चलते केंद्रों में बच्चों का रुझान और उपस्थिति बढ़ी है। इन सुधारों के कारण गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को मिलने वाली स्वास्थ्य व पोषण सेवाओं की मॉनिटरिंग भी पहले से अधिक आसान और प्रभावी हो गई है। फाउंडेशन द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर में किए गए ये दूरगामी सुधार किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य और सुरक्षा तक ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बना रहे हैं, जिसकी सराहना स्थानीय प्रतिनिधियों और ग्रामीणों द्वारा की जा रही है।
अदाणी फाउंडेशन जिले में कम्युनिटी फर्स्ट की भावना के साथ स्थानीय जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना विकास में समग्र और सतत् विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
