ओवरटाइम भुगतान घोटाला: CDL के वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) एन. उदय राव गिरफ्तार

रायपुर : छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) में हुए 183 करोड़ के ओवरटाइम भुगतान घोटाले में ईओडब्ल्यू ने शराब निर्माता कंपनी छत्तीसगढ़ डिस्टलरीज लिमिटेड (सीडीएल) के वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) एन. उदय राव को गिरफ्तार कर लिया है। उदय राव को पूछताछ के लिए चार दिनों की रिमांड पर लिया गया है। इसके साथ ही पूर्व में गिरफ्तार किए गए विभिन्न कंपनियों के डायरेक्टर अजय लोहिया, अजीत दरंदले, अमित प्रभाकर सालुंके, अमित मित्तल, राजीव द्विवेदी, संजीव जैन और सीए नीरज चौधरी की रिमांड समाप्त होने पर बुधवार को सभी को विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

इस तरह फर्जीवाड़ाः जांच में यह तथ्य सामने आया कि सीएसएमसीएल के दस्तावेजों में मैनपावर सप्लाई का ठेका ए-टू-जेड इंफ्रा सर्विसेस लिमिटेड के नाम पर था। लेकिन हकीकत में इसका पूरा फील्ड संचालन, बिलिंग और भुगतान व्यवस्था एन.उदय राव के हाथों में थी। उदय राव अपनी संबद्ध कंपनी एनकेजेए के माध्यम से कर्मचारियों की व्यवस्था और फर्जी बिलिंग का प्रबंधन करता था। जांच में यह भी साफ हुआ कि वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच मैनपावर जेंसियों को फर्जी बिलों के आधार र 182.98 करोड़ का अतिरिक्त मुगतान किया गया।

कमीशन के लिए समन्वय करता था उदय राव

जांच में पता चला कि जो राशि फील्ड कर्मियों को मिलनी थी, उसे शराब सिडिकेट की जेब में डाला गया। उदय फर्जी बिलों की राशि के कमीशन के लिए सीएसएमसीएल के तत्कालीन एमडी अरुणपति त्रिपाठी से समन्वय करता था।बड़ा हिस्सा सिंडिकेट के अनवर ढेबर तक पहुंचाया जाता था। बता दें कि 3200 करोड़ के शराब घोटाला मामले में अरुणपति और अनवर ढेबर जेल में बंद हैं।

शराब घोटाले के आरोपित अरुणपति त्रिपाठी और ढेबर को जाता था कमीशन का पैसा

पूर्व में गिरफ्तार सात डायरेक्टर समेत सीए भेजे गए जेल

4 दिनों की रिमांड पर ईओडब्ल्यू ने लिया एन उदय राव को

लूट का नजारा

101.20 करोड़ रुपये ओवरटाइम भुगतान

54 करोड़ का भुगतान अतिरिक्त कार्य दिवस (चार दिन) के लिए

27.32 करोड़ रुपये बोनस व सर्विस चार्ज

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