पाकिस्तान बेनक़ाब: ईरानी विमानों क़ो अपने नूर खान एयरबेस पर पार्क कराया

इस्लामाबाद/तेहरान। पाकिस्तान ने अमरीका से बात करते हुए ईरान के विमानों को अपने नूर खान एयरबेस पर पार्क करने की इजाजत दी थी।
अमरीकी मीडिया सीबीसी न्यूज ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान के एयरबेस पर ईरान के एयरक्राफ्ट पार्क किए गये थे ताकि उन्हें अमरीकी हमलों के दौरान निशाना नहीं बनाया जाए। इन विमानों में ईरानी वायुसेना का एक आरसी-130 विमान भी शामिल था। यह लॉकहीड सी-130 हरक्यूलिस ट्रांसपोर्ट विमान का ही एक ऐसा मॉडल है जिसका इस्तेमाल जासूसी और खुफिया जानकारी इकट्ठा करने के लिए किया जाता है। दावा है कि ईरान ने कुछ नागरिक विमान अफगानिस्तान भी भेजे थे। हालांकि, तालिबान ने इससे इनकार किया है।
वहीं, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने माना कि ईरान के विमान उसके यहां है। उसने कहा कि जो विमान इस समय पाकिस्तान में खड़े हैं, वे संघर्षविराम की अवधि के दौरान आए थे। उनका किसी भी सैन्य टुकड़ी से कोई संबंध नहीं है। दावे भ्रामक हैं। पाकिस्तान ने कहा कि वह संवाद कायम करने में निष्पक्ष सहयोगी है।
मध्यस्थ की भूमिका पर यूएस के सवाल
रिपोर्ट के खुलासे के बाद अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ट्रंप के करीबी और रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने मध्यस्थता के लिए पाकिस्तान पर पुनिर्विचार करने की मांग करते हुए कहा है कि इजराइल के प्रति पाकिस्तानी रक्षा अधिकारियों के कुछ पिछले बयानों को देखते हुए अगर यह बात सच निकलती है तो मुझे कोई हैरानी नहीं होगी।
‘यूएई ने भी किए थे ईरान पर हमले
यूएई ने गुपचुप तरीके से युद्ध में एंट्री की और पिछले महीने ईरान पर हमले किए। इस बात का दावा वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से किया गया। ये हमले अप्रैल की शुरुआत में ईरान के लावान द्वीप पर स्थित एक रिफाइनरी को निशाना बनाकर किये गए थे।
यूरेनियम पर ईरान ने दी नई चेतावनी
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उस पर दोबारा हमला किया गया तो वह यूरेनियम को 90% तक समृद्ध करने का कदम उठा सकता है। ईरान लगभग 60% तक यूरेनियम संवर्धन कर चुका है। 90% संवर्धन से इसका इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में किया जा सकता है।
