कोयला ओवरलोडिंग मामलाः एक लोडर और तीन ट्रेलर जब्त, 6 गिरफ्तार

कोरबा 01 मई। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के अंतर्गत दीपिका माइंस में कोयला की ओवरलोडिंग कर कंपनी को चपत लगाने का मामला प्रकाश में आया है। सुरक्षा व्यवस्था में लगी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की यूनिट ने जांच पड़ताल के दौरान इसे पड़ा चार गाडियां पुलिस के हवाले की गई है । पुलिस ने 6 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की। इस मामले को कोयला चोरी से जोडकर देखा जा रहा है।
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की कोरबा जिले की कोल माइंस में इस प्रकार की गतिविधियां काफी समय से चलती रही है। अधिकारियों की आंख में धूल झोंक कर कॉल लिफ्टर और उनकी टीम निर्धारित आवंटित मात्र से ज्यादा कोयला की लोडिंग कर लेती है।सिस्टम से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका भी ऐसे कार्यों को आसान करती है। जानकारी के अनुसार महावीर एजेंसी के द्वारा लगाए गए डीओ के नाम पर बड़ी गड़बड़ी की गई। दीपिका माइंस के एक लोडिंग पॉइंट से कोल लिफ्टर व उनके लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से तीन ट्रेलर मे डीओ में तय मात्रा से अधिक कोयला की लोडिंग कर दी। कोयला की यह मात्रा लाखों में बताई गई। इस प्वाइंट से जब ये वाहन अगले वेस्टिनेशन के लिए रवाना किए गए तो मात्रा के सही वजन की बारी थी वे-ब्रिज पर। यहां पर चौकसी के लिए व्यवस्थाएं की गई है। सीआईएसएफ की टीम मौके पर मौजूद है। पता चला कि यहीं पर संबंधित तीन ट्रेलर में कोयला की ओवर लोडिंग का पता चला। फौरीतौर पर गाडियों के डीओ की जांच की गई तो जांच एजेंसी के कान खड़े हो गए। वाहनों में ओवरलोड कोयला होने के बारे में तत्काल संज्ञान लिया गया और सेल्स डिपार्टमेंट से लेकर प्रबंधन को अवगत कराया गया। सीआईएसएफ ने प्रारंभिक तौर पर एक लोडर सहित तीन ट्रेलर को अपने कब्जे में लिया। जिन लोगों की भूमिका थी उन्हें भी उठा लिया गया। इसके साथ ही औपचारिक लिखा-पढ़ी की गई और इसकी सूचना दीपका पुलिस को दी गई।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रकरण में कुल 6 लोगों की भूमिका स्पष्ट हुई है और उन्हें कब्जे में लिया गया है। सभी चार गाडियों को सीआईएसएफ ने हमारे सुपुर्द किया है। उक्तानुसार इस मामले में अगली कार्यवाही की जा रही है। बीएनएस की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत प्रकरण में कार्यवाही की जाएगी। याद रहे पिछले वर्ष दीपका पुलिस ने ऐसे ही एक मामले को उजागर किया था। इसमें अडाणी पावर के लिए भेजे जाने वाले कोयला को बीच रास्ते में किसी निजी डिपो के हवाले करने का खेल वाहन चालक व अन्य लोगों के द्वारा किया जा रहा था। पूरे मामले में लाखों का खेल करने का पता चला था। बारी-बारी से तथ्यों के उजागर होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी की। यहां बताना आवश्यक होगा कि कोरबा जिले के चार क्षेत्रों में कोयला खदानें संचालित हैं। यहां से औद्योगिक और घरेलू उपभोक्ताओं की पूर्ति के लिए डीओ के आधार पर कोयला उपलब्ध कराया जाता है। ग्रेड के आधार पर कोयला की मांग में बढ़ोत्तरी होती है और फिर कई पार्टियां अपनी स्वार्थसिद्धि के लिए बीच में ही नए समीकरण के साथ कोयला कंपनी सहित उस पार्टी को नुकसान पहुंचाती है जो इस काम में निवेश करता है।
