स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावटों के बावजूद भारत का तेल आयात जारी

नई दिल्ली. पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बावजूद भारत में खाड़ी देशों में कच्चे तेल की सप्लाई बहुत ज्यादा बाधित नहीं हुई है। देश में तेल की उपलब्धता रहने से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता बनी रह सकती है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावटों के बावजूद सऊदी अरब और यूएई से अप्रेल में भारत का तेल आयात जारी रहा, जिससे भारत को मिलने वाला कोटा सामान्य बना हुआ है। इराक से सप्लाई बंद होने के बावजूद ईरान और वेनेजुएला से फिर से आयात शुरू होने से घरेलू बाजार में तेल की उपलब्धता पर ज्यादा आंच नहीं आई है। होर्मुज के जोखिम से बचने को सऊदी अरब अपनी 1200 किमी लंबी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का इस्तेमाल कर रहा है, जो तेल को लाल सागर तक पहुंचाती है। इसी तरह यूएई ने अपनी एडकॉप पाइपलाइन के जरिए तेल को ओमान की खाड़ी तक पहुंचाकर होर्मुज के रास्ते को बाईपास कर दिया है।
इस महीने ईरान और वेनेजुएला से तेल दोबारा आने शुरू हो गए हैं। ईरान से करीब 7 साल बाद 1.51 लाख बैरल तेल प्रतिदिन आया है, वहीं वेनेजुएला से भी 9 महीने बाद सप्लाई बहाल हुई है। वहीं रूस भारत का सबसे बड़ा सोर्स बना हुआ है। अप्रेल में रूस से हर दिन करीब 16.85 लाख बैरल तेल आया। हालांकि अमरीकी सप्लाई में गिरावट देखी गई है, पर ओमान ने अपनी सप्लाई बढ़ाकर भारत की जरूरतों को पूरा करने में मदद की है।
