राखड़ डंपिंग से ग्रामीण परेशानः लोतलोता में शादी-ब्याह तक प्रभावित, कार्रवाई की मांग

कार्रवाई नहीं होने पर दी आंदोलन की चेतावनी
कोरबा 21 अपै्रल। कटघोरा विकासखंड के ग्राम लोतलोता समेत आसपास के गांवों में राखड़ डंपिंग को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। पूर्व सरपंच केशर प्रसाद भारिया ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि झाबू राखड़ डेम से राख को बंद पड़े लोतलोता राखड़ डेम में अवैध रूप से डाला जा रहा है, जिससे गांवों में गंभीर समस्याएं खड़ी हो गई हैं।

ज्ञापन के अनुसार, लोतलोता स्थित राखड़ बांध को लगभग 4 से 5 वर्ष पहले क्षमता से अधिक भराव के कारण बंद कर दिया गया था। इसके बावजूद छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल (सीएसर्इ्रबी) कोरबा-पश्चिम प्रबंधन द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए यहां लगातार राख डंप की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस लापरवाही का सीधा असर उनके दैनिक जीवन पर पड़ रहा है। गांव में इन दिनों शादी-विवाह का सीजन चल रहा है, लेकिन हालात इतने खराब हैं कि भोजन तक में राख मिल रही है। इससे मेहमानों और बारातियों को बिना भोजन किए लौटना पड़ रहा है, जिससे सामाजिक कार्यक्रम भी प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो भविष्य में गांव में शादी-विवाह जैसे आयोजन करना भी मुश्किल हो जाएगा। साथ ही इससे स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। पूर्व सरपंच ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा अवैध राख डंपिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए। फिलहाल ग्रामीण प्रशासन के जवाब का इंतजार कर रहे हैं और जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
