अमरीकी नौसेना ने होर्मुज में जहाजों की नाकाबंदी शुरू की, ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया

वाशिंगटन/तेहरान. अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की ईरान को झुकाने की नई रणनीति के तहत अमरीकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में, खासकर ईरानी तट और बंदरगाहों के आसपास, जहाजों की नाकाबंदी शुरू कर दी। अमरीकी सेंटर कमांड (सेंटकॉम) ने कहा कि क्षेत्र में सभी मौजूद जहाजों को संदेश भेज दिया गया है कि बिना अनुमति के नाकाबंदी वाले क्षेत्र में प्रवेश करने या उससे बाहर निकलने वाले किसी भी जहाज को रोका व पकड़ा जा सकता है। मानवीय सहायता सामग्री की खेप भी निरीक्षण के लिए भेजी जा सकेगी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह नाकाबंदी केवल ईरान के बंदरगाहों तक आने-जाने वाले जहाजों या उसे टोल देकर जाने वाले जहाजों के लिए ही लागू होगी।

ट्रंप ने चेतावनी दी है कि घेराबंदी के आसपास ईरान के छोटे ‘फास्ट अटैक शिप’ आए तो उन्हें नष्ट कर दिया जाएगा। उधर, ब्रिटेन व फ्रांस ने अमरीका के साथ नाकाबंदी में शामिल होने से इनकार कर दिया है।

भारत से टोल वसूली नहीं: ईरानः

भारत में ईरानी राजदूत मोहम्मद फथाली ने कहा कि भारत मित्र देश है और भारतीय जहाजों से कोई टोल वसूली नहीं की जा रही है।

चीन की चेतावनीः दखल न दे अमरीकाः चीन ने अमरीकी नाकाबंदी के खिलाफ चेतावनी दी है। चीनी रक्षा मंत्री डोंग जून ने कहा कि बीजिंग शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है और स्थिति पर नजर रख रहा है। हमारे जहाज होर्मुज में लगातार आ-जा रहे हैं। ईरान के साथ हमारे व्यापार और ऊर्जा समझौते हैं। हम उनका सम्मान करेंगे और उम्मीद करते हैं कि कोई और हमारे मामले में दखल न दे।

22 अप्रेल तक सीजफायर कायमः ट्रंप : ट्रंप ने मैरीलैंड के एंड्रयूज बेस में कहा कि ईरान बातचीत के लिए वापस आता है या नहीं इससे उन्हें फर्क नहीं पड़ता, लेकिन बरबाद हो चुके देश को अंततः झुकना होगा। ट्रंप ने कहा वि 22 अप्रेल तक सीजफायर अच्छी तरह कायम है।

…तो कोई बंदरगाह सुरक्षित नहीं: ईरान

ईरान ने फारस और ओमान की खाड़ी के आसपास के सभी बंदरगाहों पर खतरा घोषित कर दिया है। ईरान ने कहा कि खाड़ी या तो सबके लिए है या किसी के लिए नहीं, ऐसा नहीं होने पर क्षेत्र का कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा। ईरानी सेना ने अमरीकी नाकाबंदी को अवैध व समुद्री डकैती बताया।

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