साय केबिनेट में जल्द होगा बदलाव, जीरो टॉलरेंस को अंगूठा दिखा रहे मंत्रियों को भेजा जाएगा पैवेलियन

रायपुर। छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी के भीतरखाने से छनकर आ रही खबरें संकेत दे रही हैं कि आगामी मई माह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंत्रिमंडल में बड़ी सर्जरी हो सकती है.

सत्ता और संगठन के गलियारों में चर्चा तेज है कि मुख्यमंत्री को छोड़कर बाकी सभी 12 मंत्रियों से इस्तीफा लिया जा सकता है. इसके बाद मंत्रिपरिषद को नए स्वरूप और नई ऊर्जा के साथ फिर से गठित करने की तैयारी हो सकती है.

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक मई का समय रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है. तब तक सरकार के कार्यकाल को ढाई वर्ष पूरे हो जाएंगे, जिसे सत्ता का इंटरवल भी कहा जा रहा है. क्योंकि 2028 के शुरुआती महीनों से ही चुनावी माहौल बनना शुरू हो जाएगा. ऐसे में सरकार के पास ठोस काम दिखाने के लिए करीब डेढ़ साल का ही समय शेष रहेगा. भाजपा नेतृत्व इस बार किसी भी तरह 2018 जैसी करारी हार की पुनरावृत्ति नहीं चाहता.

सूत्रों के अनुसार मौजूदा मंत्रिमंडल के चार से पांच मंत्रियों की छुट्टी लगभग तय मानी जा रही है. संगठन की नजर उन विभागों पर भी है जहां कामकाज की रफ्तार धीमी है या जनता में अपेक्षित प्रभाव नहीं बन पाया है. ये भी चर्चित मंत्री होंगे, जो कुछ माह पूर्व निशाने पर आए थे, लेकिन बदलाव टल जाने के कारण बच निकले थे।

राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि इस संभावित फेरबदल के पीछे भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की सक्रिय भूमिका है.

खासकर छत्तीसगढ़ भाजपा के सह-प्रभारी और राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से उभरते नेता नितिन नबीन को इस पूरी रणनीति का अहम किरदार माना जा रहा है. पार्टी के कैडर और जमीनी कार्यकर्ताओं से उनके सीधे संवाद के कारण हर मंत्री के प्रदर्शन की विस्तृत जानकारी उनके पास बताई जा रही है.

यदि मई में यह बदलाव हकीकत में बदलता है तो जुलाई में होने वाला मानसून सत्र कई मौजूदा मंत्रियों के लिए विधानसभा के भीतर आखिरी सत्र साबित हो सकता है. भाजपा की इस संभावित सर्जरी का मकसद सिर्फ चेहरों को बदलना नहीं, बल्कि 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले मजबूत और सक्रिय टीम तैयार करना बताया जा रहा है.

फिलहाल सब कुछ संभावनाओं के दायरे में है, लेकिन सत्ता के गलियारों में बदलाव की आहट ने कई मंत्रियों की धड़कनें जरूर बढ़ा दी हैं.

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