‘जेन-जेड’ विद्रोह की लहर पर सवार RSP को मिला बहुमत

काठमांडू। नेपाल के चुनावी इतिहास में नया अध्याय जुड़ गया है। नेपाल के इतिहास में दूसरी बार कोई दल दो-तिहाई बहुमत हासिल कर सका है। 35 वर्षीय इंजीनियर और पूर्व मेयर बालेन शाह के नेतृत्व में अब ‘जेन-जेड’ विद्रोह की लहर पर सवार राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने 165 में से 122 सीटों पर जीत हासिल कर ली है। विशेषकर वामपंथी दलों की शीर्ष नेताओं को भारी पराजय का सामना करना पड़ा है। महिला उम्मीदवारों को भी अपूर्व समर्थन देखने को मिला है। आरएसपी की 16 महिला उम्मीदवारों में से 13 को भारी बहुमत से जीत मिली है। आरएसपी की इस आंधी में पूर्व पीएम पुष्प कमल दहल प्रचंड की बेटी रेणू दहल को भी आरएसपी उम्मीदवार सोबिता गौतम के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा है।
आनुपातिक प्रणाली में भी 55 फीसदी सीटें : आनुपातिक प्रणाली के आधार भी बालेन को पार्टी को 110 में से करीब 60 से 63 सीटें मिलने का अनुमान है। इस तरह कुल 275 संसद की सीटों में उसे 183 सीटें मिल सकती हैं।
बालेन की आंधी: दिग्गजों का सफाया
सीपीयू-यूएमएल के पार्टी अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को उनके अपने ही गढ़ झापा-5 में बालेन शाह ने करीब 50 हजार वोटों से हराया। पार्टी उपाध्यक्ष विष्णु पौडेल, महासचिव शंकर पोखरेल भी चुनाव हार गए हैं। नेपाली कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष गगन थापा, पार्टी के महासचिव गुरुराज घिमिरे और प्रदीप पौडेल, सह-महामंत्री उदय शमशेर राणा भी चुनाव हार गए हैं।
