गुरुसिया में जन – स्वास्थ खतरे में, स्कूल – अस्पताल के पास अवैध रूप से फ्लाईएश किया गया डंप

कोरबा। जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के ग्राम पंचायत गुरसिया में एनएचआई से लगे मुख्य मार्ग के किनारे शासकीय जमीन पर राखड़ डंपिंग का मामला लगातार चर्चा में है। मौके की तस्वीरों में भारी वाहन से राखड़ गिराते और आसपास बड़े-बड़े ढेर जमा होते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि शंकर ट्रांसपोर्टर द्वारा बिना स्पष्ट सार्वजनिक सूचना और बोर्ड के खुलेआम नियमों का उल्लंघन कर डंपिंग की जा रही है। स्थिति इसलिए गंभीर मानी जा रही है क्योंकि जिस स्थान पर राखड़ गिराई जा रही है, उसके समीप साप्ताहिक बाजार लगता है। पास ही एक अस्पताल और सरस्वती शिशु मंदिर भी संचालित हैं। इसके अलावा घनी आबादी वाली बस्ती और मुख्य सड़क का लगातार आवागमन इस क्षेत्र को संवेदनशील बनाता है। राखड़ से उड़ने वाली धूल के कारण बच्चों, मरीजों और राहगीरों के स्वास्थ्य पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, बाजार के दिन धूल का गुबार और अधिक बढ़ जाता है, जिससे दुकानदारों और ग्राहकों को परेशानी होती है। अस्पताल आने वाले मरीजों के लिए भी वातावरण अनुकूल नहीं रह जाता। लोगों का कहना है कि शासकीय जमीन का इस प्रकार उपयोग किए जाने से पर्यावरणीय खतरे की आशंका भी बढ़ रही है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक, गुरसिया सरपंच द्वारा डंपिंग के लिए एनओसी दिए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि कई ग्रामीणों का दावा है कि इस मुद्दे पर ग्रामसभा में खुली चर्चा नहीं हुई और व्यापक सहमति भी नहीं ली गई। मामले को लेकर अब प्रशासन की भूमिका पर नजरें टिकी हैं। क्या आवश्यक विभागीय अनुमति ली गई है? क्या पर्यावरण मानकों का पालन हो रहा है? ग्रामीणों ने जांच कर कार्रवाई की मांग की है, ताकि स्कूल, अस्पताल और बस्ती के बीच हो रही डंपिंग पर समय रहते नियंत्रण लगाया जा सकता है।
