करतला वन परिक्षेत्र में सराहनीय रेस्क्यू, कुंए में गिरे 6 जंगली सुअरों को वन विभाग ने सुरक्षित बचाया

कोरबा 16 जनवरी। वनमंडल कोरबा में वन्यजीव संरक्षण को लेकर लगातार विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्य वन संरक्षक वन वृत्त बिलासपुर एवं वनमंडलाधिकारी कोरबा के निर्देशन में वनों की सुरक्षा, वन्यप्राणियों की रक्षा तथा अवैध कटाई, उत्खनन एवं शिकार पर रोक को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
इसी क्रम में 14 जनवरी को वन परिक्षेत्र करतला अंतर्गत पश्चिम सहायक वृत्त बरपाली के चिकनीपाली परिसर में एक महत्वपूर्ण रेस्क्यू अभियान चलाया गया। ग्राम चिकनीपाली से लगे कक्ष क्रमांक ओ.ए. 1491 बम्हनीन पहाड़ क्षेत्र से 6 जंगली सुअर (एक मादा, दो नर एवं तीन बच्चे) भोजन की तलाश में भटकते हुए बस्ती के राजस्व क्षेत्र में स्थित जलयुक्त कुंए में गिर गए।
घटना की जानकारी ग्रामीणों द्वारा तत्काल वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही उपवनमंडलाधिकारी दक्षिण कोरबा एवं प्रशिक्षु सहायक वन संरक्षक श्रीमती अर्चना पैकरा के निर्देश पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
निरीक्षण में सभी जंगली सुअर जीवित पाए गए। इसके बाद वन अधिकारियों ने ग्रामीणों के सहयोग से रस्सियों की सहायता से एक-एक कर सभी 6 जंगली सुअरों को सुरक्षित रूप से कुंए से बाहर निकाला। रेस्क्यू के पश्चात सभी वन्यप्राणियों को स्वस्थ अवस्था में उनके प्राकृतिक आवास जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
यह सफलता वन विभाग द्वारा चलाए जा रहे वन्यप्राणी संरक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रमों का प्रत्यक्ष परिणाम रही, जिनके तहत हाथी-मानव सहअस्तित्व जागरूकता, एंटी स्नेयर वॉक, गज संकेत ऐप का उपयोग, कोटवारों के माध्यम से मुनादी, गांवों में व्हाट्सएप समूह तथा वन प्रबंधन समितियों की बैठकों के जरिए ग्रामीणों को सजग किया गया है।
इस रेस्क्यू अभियान में रघुनाथ सिंह राठिया, बीरेश कुमार शुक्ला (वनक्षेत्रपाल), प्रतीक तिवारी, कपिल कुमार कंवर, विजयेन्द्र कुमार नेटी (बीएफओ) सहित वन विभाग के अधिकारी एवं सुरक्षा श्रमिक उपस्थित रहे। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यप्राणियों की सुरक्षा को लेकर विभाग सदैव तत्पर एवं सक्रिय है।
