छत्तीसगढ़ के 3200 करोड़ के शराब घोटाले में ईडी ने अंतिम चार्जशीट में 50 लोगों को नया आरोपी बनाया

रायपुर: छत्तीसगढ़ के 3200 करोड़ के शराब घोटाले में ईडी ने 29 हजार 800 पत्रों के अंतिम चार्ज शीट में 50 लोगों को नया आरोपी बनाया है। ईडी ने दावा किया है। कि सिंडकेट ने 81 लोगों को शामिल कर छत्तीसगढ़ में संगठित अपराय के तहत घोटाले को अंजाम दिया है। घोटाले के सभी आरोपियों के नाम खबर के नीचे देखा सकते हैं।
विदेशों में निवेश की घोटाले की रकम
ED कर दावा है कि घोटाले की राशि को अफसरों ने विदेश में निवेश किया। विदेश में रह रहे अपने रिश्तेदारों और परिजनों के नाम भारी भरकम निवेश करने का दावा ईडी ने किया है। दुबई, नीदरलैंड और लंदन में घोटाले की राशि का निवेश किया गया है। ईडी ने प्रदेश में हुए शराब घोटाले को संगठित अपराध माना है। इन चारों ने घोटाले की पृष्ठभूमि तैयार की ईडी के अनुसार आबकारी विभाग में घोटाले के लिए
कारोबारी बनकर ढेबर, आईटीएस अरुणपति त्रिपाठी, रिटायर आईएएस अनिल टुटेजा और सौम्या चौरसिया ने मिलकर एक सिंडिकेट बनाया। इस सिंडिकेट ने छत्तीसगढ़ के 15 जिलों को शराब घोटाले के लिए चिह्नित किया और इन जिलों में अपने अनुसार मनपसंद के अधिकारियों की पोस्टिंग कराई। सिंडिकेट ने पहली पोस्टिंग आईएएस निरंजन दास की कराई, जिन्हें आयुक्त बनाया गया। इसके बाद आबकारी नीति में बदलाव कर घोटाले की शुरुआत की गई।

सीएम के बेटे को बनाया साझेदार…
सिंडिकेट में घोटाले में साझेदार के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल उर्फ बिट्टू को शामिल किया। वहीं पैसों के बंटवारे की जिम्मेदारी अनवर जेवर लक्ष्मीनारायण बंसल, केके श्रीवास्तव और विकास अग्रवाल पर थी। ईडी का दावा है कि 2800 करोड़ रुपए का बोटाला किया गया है, जबकि ईओडब्ल्यू इसे 3000 करोड़ रुपए का घोटाला बता रही है। एजेंसियों का अनुमान है कि चौटाले की राशि 3500 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है।
ED ने इन्हें बनाया आरोपी
ED ने रिटायर आईएएस के बेटे यस टुटेजा, कारोबारी लक्ष्मीनारायण बंसल उर्फ पप्पू, दीपक दौरी, अनुराम द्विवेदी, प्रकाश शर्मा सोहनलाल वर्मा, पीयूष बिजलानी संजय दीवान, अमित सिंह, शराब कारोचारी नवीन केद्रिमा, भूपेंद्र पाल सिंह भाटिया, राजेंद्र जायसवाल, आशीष सौरभ केडिया, सिद्धार्थ सियानिया, अधिकारी जनार्दन कौर, अनिमेष नेताम, विजय सिंह शर्मा, अरविंद कुमार पटले, प्रमोद नेताम, रामकृष्ण मिश्रा, विकास गीस्वामी, इकबाल अहमद खान, नितिन खंडूजा नवीन प्रताप सिंह तोमर, मंजूश्री कनसेर, सौरभ बल्ली, दिनकर वासनिक, मोहित जायसवाल, नीतू नोतानी, गरीब्पाल सिंह, नौहर सिंह ठाकुर, सोनल नेताम, प्रकाश पाल, आलेख राम सिदार, आशीष कोसम, अनंत सिंह, राजेश जायसवाल, पीलूराम मंडावी, गंभीर सिंह नराटी, देवलाल वैद्य, अश्विनी अनंत, वेदराम लहरे, लखनलाल हुद, आशीष श्रीवास्तव, विकास अग्रवाल, बच्चा राज लोहिया, अतुल सिंह, मुकेश मनबंदा, मनीष मिश्रा, अभिषेक सिंह, कृष्ण श्रीवासराव को आरोपी बनाया है।

शराब घोटाले में इन फर्मों को भी बनाया आरोपी
छत्तीसगढ़ डिस्टलरी, भाटिया वाइन, वेलकम डिस्टलरी, अदीप एयोटेक प्रा. लि., पीटरसन बायो रिफाइनरी, फिल्तन सिटी मौत, टॉप सिक्योरिटी एड फैसिलिटी मैनेजमेंट, ओम साई बेवरेज, दिशिता बैंचर्स प्रा.लि. नेवसर्जन इंजिटेक, एजेएस एग्रोट्रेड प्रा. लि., डेबर बिल्डकन, प्राइम डेवलपर्स, इंडियन बिल्कॉन और प्रिज्म होलोग्राफी को भी आरोपी बनाया गया है।
दर्जनों आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं
इस बहुचर्चित घोटाले का उल्लेखनीय पहलु यह है कि ED ने इस मामले में चालान पेश कर दिया है, मगर अब तक बड़ी संख्या में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इनमें अफसर और अन्य लोग भी शामिल हैं। जब सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या विधि के अनुरूप इन सभी की गिरातारी की जाएगी?
ईडी की अंतिम चार्जशीट सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार समय पर दाखिल की गई है। चार्जशीट में डिजिटल सबूत, बैंक ट्रांजैक्शन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, संपत्ति दस्तावेज और गवाहों के बयान शामिल हैं। अब कोर्ट ट्रायल शुरू करेगा। आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जाएंगे और उसके बाद गवाहों के बयान और सबूतों को लेकर सुनवाई होगी।
