राष्ट्र सेविका समिति कोरबा इकाई द्वारा प्रबुद्ध महिला संगोष्ठी आयोजित

कोरबा 18 नवंबर। गत 16 नवंबर को सरस्वती शिशु मंदिर हायर सेकेण्डरी स्कूल सीएसईबी कोरबा-पूर्व बुधवारी के प्रांगण में राष्ट्र सेविका समिति की संस्थापिका लक्ष्मी बाई केलकर की पुण्यतिथि पर राष्ट्र सेविका समिति कोरबा इकाई द्वारा प्रबुद्ध महिला संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

मुख्य वक्ता के रूप में रायपुर महानगर की बौद्धिक प्रमुख वर्षा मिश्रा ने कहा कि आज मातृशक्ति सभी क्षेत्रों में अपना डंका बजा रही है। नारी शक्ति जहां फाइटर जेट चला रही है, वहीं ट्रेन, बस चलाने के साथ-साथ आईएएस, आईपीएस जैसे ओहदों पर रह कर राष्ट्र सेवा कर रही हैं। आपरेशन सिंदूर में हमारे देश की शान और नारी शक्ति कार्नल सोफिया और एयरफोर्स की विंग कमांडर व्योमिका सिंह की बहादुरी का डंका पूरे विश्व ने देखा। उन्होंने कहा कि आज हर क्षेत्र में नारी शक्ति वंदनीय बन रही है।

वक्ता के रूप में कोरबा की प्रख्यात वक्ता एवं पंचकर्म चिकित्सा विशेषज्ञ तथा युगशिल्पी कार्यकर्ता डॉ. मनीषा सिंह ने ओजस्वी उद्बोधन देखकर सबका ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने मातृ शक्ति को ब्रह्मांड का सर्वोच्च शक्तिमान बताया और कहा कि मातृशक्ति के बिना पितृशक्ति की परिकल्पना भी नहीं की जा सकती। आज नारीशक्ति को अपने भीतर की शक्ति और प्रतिभा को जानने और प्रदर्शित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हम किसी से कम नहीं हैं, इस भाव को हर नारी को जानना होगा। हम वो शक्ति हैं, जो असंभव को संभव करने का सामर्थ्य रखते हैं। पितृशक्ति समाज में नारीशक्ति को अपनी प्रतिभा दिखानी होगी।

इतिहास गवाह है कि जब-जब नारी पर विपदा आई है, वह कभी दुर्गा बनकर तो कभी काली बनकर राक्षसों का संहार किया है। हम अबला नहीं, बल्कि सबला हैं और कुछ भी काम ऐसा नहीं, जिसेे हम करने में सामर्थ्य नहीं। पुरातनकाल से लेकर आज तक हर क्षेत्र में नारी वंदनीय हैं और जिस-जिस ने भी नारी का अपमान किया, उसका काल और पतन निश्चित है।

कार्यक्रम को महिला मोर्चा की अध्यक्ष वैशाली रत्नपारिखी सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में राष्ट्र सेविका सुनीता देवांगन, गीता सिंह तथा सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को स्मृति चिंह देकर समानित किया गया। कार्यक्रम में कोरबा से बड़ी संख्या में नारीशक्ति की उपस्थिति रही।

Spread the word