कोरबा में 10 करोड़ का फिक्स टेंडर निरस्त, अफसरशाही की भ्रष्टाचार की योजना फेल 

कोरबा। गत 21 जुलाई 2025 को रात 9:58 बजे जारी किया गया 10 करोड़ का संदिग्ध डेस्क-बेंच टेंडर अब निरस्त कर दिया गया है।

टेंडर में तकनीकी अनियमितता और GeM गाइडलाइंस का उल्लंघन किया जा रहा था। इन सभी तथ्यों के सार्वजनिक होते ही विभाग में हड़कंप मच गया। 

दरअसल, रात 9:58 बजे टेंडर डालना ,

बिना साइज, मटेरियल स्पेसिफिकेशन के करोड़ों का टेंडर

सिर्फ 3 दिन में सैंपल, बिना टेस्ट डिटेल के टेस्ट सर्टिफिकेट की मांग MSME, स्टार्टअप को कोई छूट नहीं, नीति का खुला उल्लंघन कर स्पीड पोस्ट से दस्तावेज की मांग कर GeM के डिजिटल सिस्टम की अवहेलना की जा रही थी। मामला खुलने के बाद शिक्षा विभाग को टेंडर को वापस लेने का निर्णय लेना पड़ा। अब इस पूरे मामले में दोषी अधिकारियों की भूमिका की भी गंभीर जांच की मांग उठने लगी है।

साथ ही, इस मामले के सामने आने के बाद अब राज्य के अन्य जिलों में भी GeM टेंडरों की स्क्रूटिनी शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार, बलौदाबाजार, सरगुजा, कांकेर सहित कई जिलों से भी संदिग्ध टेंडर प्रक्रिया के प्रमाण एकत्र किए जा रहे हैं।

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