छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ-महासंघ का 13वां द्विवार्षिक प्रांतीय अधिवेशन संपन्न 

कोरबा। भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ-महासंघ का 13वां द्विवार्षिक प्रांतीय अधिवेशन श्रम कल्याण केंद्र (जूनियर क्लब), एचटीपीएस कॉलोनी दर्री, कोरबा-पश्चिम में संपन्न हुआ।

        अधिवेशन के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन रहे। मंच पर विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय मंत्री एवं विद्युत उद्योग प्रभारी राधेश्याम जयसवाल, छत्तीसगढ़ प्रदेश महामंत्री दिनेश कुमार पांडे, अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ के उप महामंत्री हरीश चौहान, उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी राजकुमार नायक, एवं वरिष्ठ समाजसेवी अशोक मोदी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता बी.एस. राजपूत ने की, जबकि संचालन प्रदेश महामंत्री नवरतन बरेठ द्वारा किया गया।

* अधिवेशन में पारित प्रमुख प्रस्ताव 

        अधिवेशन के दौरान बिजली कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई एवं सात प्रमुख प्रस्ताव पारित किए गए जिसके अंतर्गत पुरानी पेंशन योजना की बहाली, संविदा कर्मियों का नियमितीकरण, तकनीकी कर्मचारियों को 3% तकनीकी भत्ता (अधिकारियों के समतुल्य), मध्यप्रदेश सरकार की तर्ज पर चतुर्थ उच्चतर वेतनमान लागू करना, उच्च योग्यताधारी कर्मियों को टीए/टीडी एवं कनिष्ठ यंत्री बनाना, ठेका कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना, अन्य श्रम हितैषी प्रस्तावों को अमल में लाना रहा, इसके अतिरिक्त संगठन की दो वर्षों की कार्यप्रणाली एवं वित्तीय रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई।

* नवीन प्रांतीय कार्यकारिणी का गठन

        अधिवेशन के अंतिम सत्र में आगामी दो वर्षों के लिए नई प्रांतीय कार्यकारिणी का निर्वाचन सर्वसम्मति से किया गया, जिसमें नियुक्त पदाधिकारी अंतर्गत प्रांतीय अध्यक्ष संजय तिवारी (बिलासपुर), प्रांतीय महामंत्री नवरतन बरेठ (कोरबा), (द्वितीय कार्यकाल) कार्यकारी अध्यक्ष तेज प्रताप सिन्हा (रायपुर), संयुक्त महामंत्री शिवेंद्र केशव दुबे (दुर्ग), कोषाध्यक्ष कोमल देवांगन (रायपुर), कार्यालय मंत्री चेतनानंद दुबे (बिलासपुर), संगठन मंत्री पीयूष सिन्हा (धमतरी), इसके अतिरिक्त कार्यकारिणी में 6 उपाध्यक्ष एवं 7 अन्य मंत्री भी शामिल किए गए हैं। अधिवेशन में प्रदेश के 33 जिलों से आए प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता दी, जिससे संगठन की एकजुटता और व्यापकता प्रदर्शित हुई। 

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