अब कौन? देश को जल्द मिलेंगे नए उपराष्ट्रपति, चुनाव आयोग ने शुरू की प्रक्रिया, क्या N. D. A. जीत सकेगा? यहां पढ़ें पूरा समीकरण

नई दिल्ली। देश को जल्द ही नए उपराष्ट्रपति मिलेंगे, जिसकी तैयारी चुनाव आयोग ने शुरू कर दी है। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद चुनाव आयोग ने उपराष्ट्रपति पद की चुनावी प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी कारणों से सोमवार की देर रात इस्तीफा दे दिया था।
उपराष्ट्रपति का चुनाव लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्य मिलकर करते हैं। सत्ताधारी दल NDA के पास उपराष्ट्रपति चुनने के लिए पर्याप्त सांसद मौजूद हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि देश को जल्द ही नए उपराष्ट्रपति मिल सकते हैं।
बता दें कि वर्तमान में लोकसभा की 543 सीटों में से एक सीट और राज्यसभा की 245 सीटों में से 5 सीटें खाली हैं। पश्चिम बंगाल की बशीरहाट सीट से कोई लोकसभा सांसद नहीं है। वहीं, राज्यसभा में जम्मू कश्मीर की 4 और पंजाब की 1 सीट खाली है।
जानें कैसे बनते हैं उपराष्ट्रपति?
दोनों सदनों में सांसदों की कुल संख्या 786 है और उपराष्ट्रपति का चुनाव जीतने वाले उम्मीदवार को महज 394 मतों की आवश्यकता है यानी 394 का बहुमत हासिल करके उपराष्ट्रपति बना जा सकता है। इस चुनाव में राज्यों की विधानसभा या विधान परिषद की कोई भूमिका नहीं होती है।
NDA के पास बहुमत से ज्यादा सांसद
सत्ताधारी दल NDA की बात करें तो, लोकसभा में इनके 293 और राज्यसभा में 129 सांसद मौजूद हैं। साफ है कि NDA के पास 422 सांसद हैं और उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को जीताने के लिए 394 का बहुमत चाहिए, जो सत्ताधारी दल के सांसदों की वोटिंग से ही आराम से पूरा हो जाएगा।
धनखड़ के बाद अब कौन?
सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में कई नामों को लेकर अटकलें तेज हैं, जो भारत के अगले उपराष्ट्रपति बन सकते हैं. इस रेस में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सबसे आग चल रहे हैं. साथ ही कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर की भी नामों पर खूब चर्चा हो रही है. इस रेस में जेडीयू सांसद हरिवंश नारायण सिंह को भी पहली पसंद बताया जा रहा है. सोशल मीडिया पर कई नाम चल रहे हैं. कयास लगाए जा रहे हैं कि धनखड़ का उत्तराधिकारी कौन होगा ?
नीतीश कुमार
सोशल मीडिया पर या फिर इंटरनेट पर इस बात की जोरदार चर्चा हो रही है कि नीतीश कुमार अगले उपराष्ट्रपति हो सकते हैं. नीतीश कुमार का नाम आना लाजिमी भी लग रहा है. इस साल बिहार विधानसभा चुनाव है. नीतीश कुमार अभी तक चुनाव में पूरी तरह से एक्टिव नहीं हुए हैं. वहीं, बिहार में भारतीय जनता पार्टी मुख्यमंत्री के रूप में अपना चेहरा रखना चाहती है. मौजूदा मुख्यमंत्री को राज्य में चुनावों से पहले उपराष्ट्रपति बनाया जा सकता है. नीतीश के राज्य की राजनीति में रहते, भाजपा को मुख्यमंत्री फेस मिलना मुश्किल है, यह कारण नीतीश को उप-राष्ट्रपति बनने की दावेदारी को मजबूत करती है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार देश के अगले उपराष्ट्रपति बनने वाले हैं।
हरिवंश नारायण सिंह
जेडीयू सांसद हरिवंश नारायण सिंह को उपराष्ट्रपति पद के लिए अगली स्पष्ट पसंद बताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि इस लिस्ट में सिंह का नाम सबसे आगे है. क्योंकि वे वर्तमान में राज्यसभा के उपसभापति हैं. संविधान के नियमों के अनुसार, सिंह आज से, धनखड़ की अनुपस्थिति में नए उपराष्ट्रपति के निर्वाचित होने तक राज्यसभा के सभापति का कार्यभार संभालेंगे. सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि सिंह के नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों के साथ संबंध बहुत शानदार हैं और इसलिए, कई लोगों का मानना है कि एनडीए उन्हें उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बना सकता है।
आरिफ मोहम्मद खान
अरिफ मोहम्मद खान इस समय बिहार के राज्यपाल हैं. केरल के पूर्व राज्यपाल रह चुके हैं. वह एक चर्चित और मुखर राजनेता के रूप में जाने जाते हैं. उनकी दिल्ली की यात्रा और राजनीतिक अस्थिर राजनीति में उनकी सक्रियता ने भाजपा और एनडीए गठबंधन के भीतर यह संभावना जगाई है. भाजपा नेतृत्व अपने प्रतिनिधित्व और छवि को देखते हुए ऐसे नामों पर विचार कर सकती है जो संविधान, धर्मनिरपेक्षता और सार्वजनिक संवाद के मामलों में संतुलन बना सकें. अरिफ मोहम्मद खान की छवि एक लिबरल मुस्लिम की रही है, जिन्होंने इतिहास में शाहबानो मामले में कांग्रेस से दूरी बनाई और मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की आवाज उठाई।
