PM मोदी का तुर्की को खास संदेश भारत अखंड साइप्रस का समर्थक है

निकोसिया (साइप्रस) भूमध्य सागर में सामरिक रणनीतिक लिहाज से अहम देश साइप्रस सीमा पार आतंकवाद से मुकाबले, मैरिटाइम सुरक्षा, वित्तीय क्षेत्र, व्यापार और भारत-मध्य पूर्व आर्थिक गलियारा (आईएमईसी) पर भारत के साथ मिलकर काम करेगा। पीएम मोदी ने भी राष्ट्रपति निकोस को भारत आने का निमंत्रण दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के बीच द्विपक्षीय बातचीत में इस पर सहमति बनी। मोदी करीब 20 साल बाद इस द्वीप देश की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। पश्चिम एशिया और यूरोप में चल रहे युद्ध पर दोनों नेताओं ने चिंता व्यक्त की वहीं पीएम मोदी ने दोहराया कि यह युद्ध का युग नहीं है। यात्रा के दौरान राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस ने पीएम मोदी को साइप्रस के सर्वोच्च सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस-3’ से सम्मानित किया। पीएम मोदी ने इस सम्मान को भारत 5 के 140 करोड़ लोगों और हमारी संस्कृति, भाईचारा और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की विचारधारा का सम्मान बताया। साइप्रस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सदस्यता का समर्थन किया जिस पर मोदी ने आभार प्रकट किया।
तुर्की को खास संदेश, भविष्य की रणनीति
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पीएम मोदी के पहले विदेश दौरे में साइप्रस को शामिल करने को तुर्किए को खास संदेश माना जा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्किए ने पाकिस्तान को ड्रोन व अन्य सामग्री देकर मदद की थी। यात्रा के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस ने राजधानी निकोसिया के पास के पहाड़ों को देखा जो पिछले 51 साल से तुर्किए के अवैध कब्जे में है। मोदी ने यूएन नियंत्रित बफर जोन के पास इस क्षेत्र को देखने से तुर्की को खास संदेश दिया है कि भारत अखंड साइप्रस का समर्थक है। मोदी की यात्रा इस लिहाज से भी अहम है कि साइप्रस अगले साल यूरोपियन यूनियन की अध्यक्षता संभालने वाला है।
