दहकते इरान में भारतीय छात्रों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया, भारत का दूतावास है- निरन्तर सम्पर्क में

नईदिल्ली। इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध में भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। इस बीच विदेश मंत्रालय ने उनकी सुरक्षा का आश्वासन दिया है। मंत्रालय ने सोमवार को बयान जारी कर बताया कि भारतीय दूतावास छात्रों की सुरक्षा स्थिति को लेकर निगरानी कर रहा है। मंत्रालय का कहना है कि दूतावास की मदद से ईरान में भारतीय छात्रों को सुरक्षित स्थानों में भेजा जा रहा है।

मंत्रालय ने जारी बयान में कहा, तेहरान में भारतीय दूतावास लगातार सुरक्षा स्थिति की निगरानी कर रहा है और ईरान में भारतीय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनसे संपर्क कर रहा है। कुछ मामलों में, दूतावास की मदद से छात्रों को ईरान के भीतर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। अन्य व्यवहार्य विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। इसके अलावा, दूतार्वास कल्याण और सुरक्षा के संबंध में समुदाय के नेताओं के संपर्क में है। जम्मू-कुश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ईरान में कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा पर चिंता जताई है और केंद्र से त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया है। उन्होंने इस संबंध में एक्स पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने मौजूदा सुरक्षा स्थिति को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात की है।

आपको बता दें कि इससे पहले तेहरान में भारतीय छात्रों ने कहा था कि ‘हम में से ज्यादातर डरे हुए हैं, ईरान में फंसे भारतीय छात्र लगा रहे रेस्क्यू की गुहार ईरान और इजरायल के बीच तनाव चरम पर है। दोनों देश एक दूसरे पर मिसाइलों से हमले कर रहे हैं, हालांकि चिंता की बात यह है कि इन हमलों का शिकार बेगुनाह लोग भी हो रहे हैं। इन लोगों में ईरान में पढ़ाई के लिए गए भारतीय छात्र भी शामिल हैं। इन्हीं छात्रों में से एक इम्तिसाल मोहिदीन नाम के एक भारतीय छात्र ने एजेंसी को बताया, शुक्रवार को सुबह 2:30 बजे तेज धमाकों की आवाज सुनकर मैं जाग गया और बेसमेंट की ओर भागा। तब से हम सोए नहीं हैं।” 22 वर्षीय इम्तिसाल तेहरान की शाहिद बेहेश्टी यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र हैं।

उन्होंने बताया कि शाहिद बेहेश्टी यूनिवर्सिटी में 350 से ज्यादा भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। इस यूनिवर्सिटी के हॉस्टल और अपार्टमेंट के काफी नजदीक ब्लास्ट हुए हैं, ऐसे में इम्तिसाल भारत सरकार से निवेदन करते हैं कि उन्हें देर होने से पहले तेहरान. से निकाल लिया जाए। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा के रहने वाले इम्तिसाल ने यह भी जानकारी दी कि यूनिवर्सिटी ने कक्षाएं बंद/ सस्पेंड कर दी हैं और छात्र बमबारी की वजह से मूवमेंट से बच रहे हैं। “हम अपने अपार्टमेंट के बेसमेंट में फंसे हुए हैं। हर रात हम धमाकों की आवाज सुनते हैं।

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