यहां समुद्र के तल में मिला 16 अरब डॉलर का खजाना, अब शुरू हुई विरासत की लड़ाई, पढ़िए इस ऐतिहासिक खजाने का किस्सा..!

बोगोटा. कोलंबिया के समुद्र तट से दूर एक रोबोटिक ड्रोन अभियान ने 2015 में जो मलबा खोजा था, वो अब सबसे कीमती समुद्री जहाज के तौर पर पहचाना गया है। स्पेन का सेन जोस गैलेयन जहाज 1708 में ब्रिटिश नौसेना से मुठभेड़ के दौरान डूब गया था, उसमें टनों सोना-चांदी और पन्ने भरे हुए थे, जिनकी आज की कीमत 16 अरब डॉलर है। ‘संत जोस’ पेरू से स्पेन लौट रहा था ताकि ‘स्पेनिश उत्तराधिकार युद्ध’ में धन का इस्तेमाल हो सके पर रास्ते में जंग के दौरान बारूदखाना फट गया व खजाने सहित पूरा जहाज समंदर में समा गया।

सिक्कों से लेकर तोप ने की पुष्टि

हालिया अध्ययन में कोलंबियाई विशेषज्ञों ने पुष्टि की कि यह मलया ‘सेन जोस’ का ही है। इसके सबूत हैं 1707 के लीमा मिंट के चांदी के सिक्के, कांगशी दौर की चीनी पोरसलिन और 1665 के तोप जिन पर ऐतिहासिक निशान हैं। यह सब दिखाते हैं कि यह वही जहाज था जो 18वीं सदी के तिएरा फेरमे समुद्री रूट पर चला करता था।

खजाने पर होगा किसका हक?…

अब असली जंग शुरू हुई है, खजाने पर दावेदारी की। कोलंबिया कहता है कि वो उसके समुद्री क्षेत्र में मिला, इसलिए उसका है। स्पेन का दावा है कि जहाज उसकी संपत्ति थी। पेरू याद दिलाता है कि खजाना उसके खनिकों का श्रम है। वहीं, सी सर्च अर्मांडा नामक कंपनी कहती है कि उसने 1981 में ही इसका पता लगा लिया था, इसलिए उसे हिस्सा चाहिए।

इतिहास से आगे, विरासत की बहस

मामला अब 10 अरब डॉलर के मुकदमे में बदल चुका है। खजाने की चकाचौंध के बीच, इतिहास, अधिकार व न्याय के सवाल भी हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सिर्फ धन की नहीं, ऐतिहासिक विरासत की भी है। यह दुर्लभ अवसर है जब हम उपनिवेश कालीन समुद्री व्यापार और मार्गों को गहराई से समझ सकते हैं।

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