इफको कोऑपरेटिव ने 2024-25 में शुद्ध लाभ में 16% की बढ़ोतरी दर्ज की, सहकार भारती छत्तीसगढ़ ने दी बधाई

नईदिल्ली। भारतीय उर्वरक सहकारी संस्था इफको (IFFCO) ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2,823 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया, जो कि पिछले वर्ष के 2,443 करोड़ रुपये की तुलना में 16 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि मुख्य रूप से राजस्व में इजाफा होने के कारण हुई। हालांकि, कुल कारोबार में केवल 4.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो 39,474 करोड़ रुपये से बढ़कर 41,244 करोड़ रुपये हो गया।

इफको के चेयरमैन दिलीप संघानी ने कहा, “इफको ने लगातार तीसरे साल 3,811 करोड़ रुपये (कर पूर्व लाभ) अर्जित किया है, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।” उन्होंने यह भी बताया कि इफको की सदस्य 35,600 सहकारी समितियों के लिए 20 प्रतिशत लाभांश देने की घोषणा की गई है।

सहकार भारती छत्तीसगढ़ की ओर से बधाई

सहकार भारती छत्तीसगढ़ की ओर से प्रदेश संयोजक पैक्स प्रकोष्ठ घनश्याम तिवारी एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष रामप्रकाश केशरवानी ने इफको को इस उत्कृष्ट वित्तीय प्रदर्शन के लिए बधाई दी है। उन्होंने इफको के समस्त शेयरधारकों को भी शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए, इफको के अध्यक्ष दिलीप संघानी एवं प्रबंध संचालक डॉ. यू.एस. अवस्थी के नेतृत्व की सराहना की।

नवीन उत्पादों की लॉन्चिंग

इफको के प्रबंध निदेशक डॉ. यू. एस. अवस्थी ने बताया कि इफको जल्द ही नैनो जिंक और नैनो कॉपर जैसे तरल उर्वरकों को 100 मि.ली. बोतलों में लॉन्च करेगा। साथ ही, नैनो एनपीके उर्वरक भी पेश किया जाएगा, जो दानेदार रूप में होगा और मृदा की सूक्ष्म पोषण आवश्यकताओं को पूरा करेगा। इसके अलावा, इफको कालोल इकाई में एक आधुनिक बीज नवाचार केंद्र की स्थापना भी करेगा।

विक्रय में वृद्धि

इफको के सभी 10 संयंत्रों से 2024-25 में 93.1 लाख टन उर्वरक उत्पादन हुआ, जो पिछले वर्ष के 88.95 लाख टन से अधिक है। वहीं, बिक्री में मामूली वृद्धि के साथ 113.78 लाख टन की बिक्री हुई, जो पिछले वर्ष 111.73 लाख टन थी।

भारत की कुल उर्वरक उत्पादन में इफको की हिस्सेदारी FY25 में 17.98% रही, जबकि पिछले वर्ष यह 17.67% थी। देश में कुल उर्वरक उत्पादन में 2.9% की वृद्धि हुई, जो 517.83 लाख टन रहा, जबकि FY24 में यह 503.31 लाख टन था।

नैनो उर्वरकों की बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जो 2024-25 में 364.41 लाख बोतलें (500 मि.ली.) रही, जबकि पिछले वर्ष 249.45 लाख बोतलें बिकी थीं। नैनो डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) की बिक्री में सबसे ज्यादा 118 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जबकि पारंपरिक डीएपी और कॉम्प्लेक्स उर्वरकों की बिक्री स्थिर रही।

सागरिका ब्रांड, जो जल में घुलनशील उर्वरकों के अंतर्गत आता है, की बिक्री में भी वृद्धि हुई है।

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