7 हजार की उधारी में हत्या करने का आरोप हुआ सिद्ध-उम्रकैद की सजा

कोरबा 27 अपै्रल। उधार की रकम नहीं लौटा पाने के कारण आवेशित कर्जदाता पर दो महिलाओं पर चाकू से हमला कर देने का आरोप लगा था। जानकारी के अनुसार लगभग चार साल पहले हुई हत्या के मामले में विशेष न्यायालय ने 7 हजार की उधारी में हत्या करने का आरोप सिद्ध होने पर हत्यारे को आजीवन कारावास व अर्थदंड से दंडित किया है। विशेष लोक अभियोजक रमेश सिंह यादव (एससीएसटी) ने शासन की ओर से पैरवी की।
श्री यादव ने बताया कि घटना से कुछ माह पहले मृतका ने आरोपी से सात हजार रुपए उधार लिया था। उक्त रकम को वह गरीबी के कारण वापस नहीं कर पा रही थी। आरोपी बार-बार पैसे की मांग कर झगड़ा करता था। घटना से पहले पैसे वापस नहीं करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप हैं।
जानकारी के अनुसार घटना दिनांक 5 सितंबर 2020 की दोपहर 3 बजे मृतका अपने परिवार सहित अटल आवास स्थित घर पर थी। उसी समय चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर वह बाहर आई। पीछे-पीछे बेटा लखन चौहान भी आया। उसने देखा कि पड़ोस में रहने वाले व्यक्ति ने एक महिला पर चाकूनुमा हथियार से हमला किया जिससे वह जमीन पर गिर गई। फिर वह दौड़ते हुए उसके घर की तरफ आया। वे कुछ समझ पाते इससे पहले ही दुसरी महिला के पेट पर धारदार हथियार घुसा दिया जिससे उसकी अंतड़ी बाहर निकल आई। परिवार के अन्य लोग चिल्लाते हुए पहुंचे तो वह वहां से भाग निकला। दोनो को परिजनों ने अस्पताल पहुंचाया, किन्तु गौरी बाई नामक महिला को नहीं बचाया जा सका। घटना के संबंध में मृतका के पति की रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने धारा 302, 307, 3(2) एससीएसटी एक्ट के तहत कथित आरोपी के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया। प्रकरण विचारण हेतु विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोजनपक्ष ने 10 साक्षियों का बयान सहित प्रमाणित साक्ष्य पेश किए।
जिस पर पर्याप्त सबूत पेश किये जाने पर विशेष न्यायालय एससीएसटी पीठासीन न्यायाधीश जयदीप गर्ग ने दोष सिद्ध पाते हुए आरोपी को धारा 302 में आजीवन कारावास व 25 हजार अर्थदंड से दंडित किया है। धारा 307 में 10 वर्ष सश्रम कारावास व 25 हजार अर्थदंड तथा एक्ट्रोसिटी एक्ट में आजीवन कारावास व 25 हजार रुपए के दंड से दंडित किया गया है।
