11 हजार हेंडपंपों से लोगों को मिल रहा पानी, गड़बड़ी की शिकायत पर सुधार करेंगी 5 टीमें

कोरबा 26 अपै्रल। कोरबा जिले की 14 लाख से अधिक आबादी की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न प्रकार की व्यवस्थाएं लागू हैं-जैसे नलजल योजनाएं, बोरवेल, हैंडपंप, कुएं, तालाब और डबरी। गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जिले में खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत हेतु पांच विशेष मोबाइल टीमों का गठन किया है। सूचना मिलते ही ये टीमें त्वरित मरम्मत कार्य में लग जाती हैं।
पीएचईडी का मुख्य उद्देश्य गर्मी के मौसम में किसी भी क्षेत्र में जल संकट की स्थिति न बनने देना है। इसके लिए विभाग ने जल आपूर्ति तंत्र को और अधिक दुरुस्त किया है। विभाग के अधीन संचालित जल योजनाओं की नियमित निगरानी की जा रही है। बताया गया कि जल जीवन मिशन के तहत जिले के कई क्षेत्रों को लाभ मिला है, और शेष क्षेत्रों में कार्य प्रगति पर है। पीएचई के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव ने बताया कि जिले के पांच विकासखंडों में कुल 11,000 हैंडपंप लगे हुए हैं, जिनके माध्यम से लोगों को पानी मिल रहा है। वर्तमान में 96 हैंडपंपों में तकनीकी समस्याएं दर्ज की गई हैं। इनकी मरम्मत के लिए गठित पांच मोबाइल यूनिट में तकनीकी कर्मचारी शामिल हैं, जो सूचना मिलने पर मौके पर पहुँचकर सुधार कार्य करते हैं। कार्यपालन अभियंता ने यह भी बताया कि विभाग की प्राथमिकता जिले के हर व्यक्ति तक शुद्ध और पर्याप्त जल पहुँचाना है। इसके लिए लगातार प्रयास जारी हैं। पिछले वर्षों में कुछ गांवों को ग्रुप जल योजना से जोडने के प्रस्ताव बनाए गए थे, जिन पर जल्द ही कार्य शुरू होने की संभावना है।
शहरी क्षेत्रों में निकायों और उपक्रमों की जिम्मेदारी
जिले के शहरी क्षेत्रों में जल आपूर्ति की जिम्मेदारी विभिन्न नगरीय निकायों और औद्योगिक उपक्रमों को सौंपी गई है। नगर पालिक निगम कोरबा शहर में जल आपूर्ति कर रहा है, जबकि एनटीपीसी, एसईसीएल, इंडियन ऑयल और छत्तीसगढ़ पावर जनरेशन कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए अलग जल आपूर्ति व्यवस्था बनाई है। नगर पालिका परिषद दीपका, कटघोरा, नगर पंचायत छुरीकला और पाली भी अपने क्षेत्रों में जल आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं। किसी प्रकार की तकनीकी समस्या उत्पन्न होने पर वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में टैंकरों से जल आपूर्ति की जा रही है।
