दो आशिकों की जंग में बेगुनाह मारा गया, कलयुग के कल्कि को पुलिस ने किया गिरफ्तार, देखें वीडियो

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला में सौतिया डाह ने एक युवक को कातिल बना दिया। रविवार को पुलिस ने हत्या के आरोप में युवक को गिरफ्तार कर लिया। दरअसल यह दो आशिकों की जंग थी, लेकिन मेरा गया एक बेगुनाह बुजुर्ग।
इस कहानी की शुरुआत एक पखवाड़ा पहले हुई थी। जिले के उरगा थाना क्षेत्र के पकरिया नवापारा में 23 और 24 फरवरी 2025 की दरमियानी रात रामसिंह कंवर (60 वर्ष) को किसी अज्ञात व्यक्ति ने धारदार हथियार से सिर पर जानलेवा हमला कर घायल कर दिया था। घायल रामसिंह कंवर की इलाज के दौरान अस्पताल में मृत्यु हो गई। हमले की सूचना मिलते ही उरगा पुलिस ने तुरंत घटना स्थल पर पहुंच कर क्राइम सीन को सुरक्षित कर FSL टीम के साथ घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
जांच के बीच घटना स्थल के आस पास ही 3 अलग- अलग जगहों पर “मृतक राम सिंह के बेटे जगदीश का नाम, कलयुग का कल्कि, झूठ बोलना पाप है।” आदि लिखा हुआ पाया गया। इसके बाद 26 फरवरी को सुबह घटना स्थल के सामने के घर की दीवार पर अगला टारगेट “मोनू, कलयुग के कल्कि, शराब बंद, पकरिया में 5 हत्या और होने वाली है, पुलिस को आरोपी की खोजबीन से दूर रहने” की धमकी लिखी हुई दिखाई दी। इसके बाद आस पास के क्षेत्र में सनसनी फैल गई और पूरे गांव में दहशत का माहौल उत्पन्न हो गया।
इस नए हालत को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक भूषण एक्का, साइबर प्रभारी रविन्द्र कुमार मीना एवं उरगा थाना प्रभारी युवराज तिवारी के नेतृत्व मे पुलिस ने पकरिया नवापारा गांव मे 24×7 लगातार कैंप किया। चूंकि घटना स्थल के पास की दीवार पर मृतक के बेटे जगदीश का नाम लिखा था, तो पुलिस ने जगदीश को केंद्र मे रखकर प्रत्येक एंगल पर काम करना शुरू किया।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने साइबर प्रभारी रविन्द्र कुमार मीना एवं नगर पुलिस अधीक्षक भूषण एक्का के नेतृत्व मे 26 सदस्यीय टीम गठित कर विवेचना प्रारम्भ कराई। विवेचना की बारीकी से मॉनीटरिंग करने के लिए स्वयं पुलिस अधीक्षक ने उरगा थाना मे कैंप किया।

विवेचना करने पर पता चला कि मृतक रामसिंह कंवर के पुत्र जगदीश कंवर का गांव की ही एक महिला से अवैध प्रेम सम्बन्ध है। इसी महिला का पड़ोसी जिला जांजगीर चांपा के सिवनी गांव के निवासी विकास (25) यादव नामक एक अन्य युवक के साथ भी अवैध प्रेम सम्बन्ध है। पुलिस ने विकास यादव की निगरानी शुरू की, तो उसकी गतिविधि संदिग्ध प्रतीत हुई। पुलिस ने विकास को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामले का खुलासा हुआ।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि विकास यादव को जब अपनी महिला मित्र का जगदीश कंवर के साथ प्रेम संबंध का पता चला तो उसने जगदीश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। सौतिया डाह में जल रहे विकास यादव ने लगभग दो माह पूर्व लोहे का एक धारदार तलवारनुमा हथियार बनाया। इस हथियार को लेकर वह घटना दिनांक को जगदीश को मारने के उद्देश्य से मृतक के घर पहुंचा। उसे जगदीश तो नहीं मिला पर घर के सामने मंच पर रामसिंह कंवर सोया नजर आया। विकास यादव ने धारदार हथियार से रामसिंह के सिर पर हमला कर दिया और उसे मृत समझ कर वापस लौट गया। लौटने से पहले उसने दीवार पर जगदीश के लिए चेतावनी लिखी और उसे अपना अगला टारगेट बताया।
आरोपी इसके बाद शांत बैठ जाता तो शायद पुलिस को उस तक पहुंचने में लम्बा समय लग जाता। मगर पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने कलयुग का कल्कि बंकर, एक अन्य युवक मोनू के घर की दीवार पर लिख कर मोनू को अपना अगला टारगेट बताया। उसने गांव में शराब बंदी के लिए लिखा। पकरिया गांव में 5 मौत और होने वाली है, लिखकर दहशत फैलाने का प्रयास किया। जब विकास यादव को पता चला कि पुलिस जगदीश से गहन पूछताछ कर रही है, तो उसने फिर पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से 4 मार्च को रात में शमशान घाट मे तलवारनुमा हथियार के साथ एक पत्र छोड़ा, जिसमें और भी मौत होने की बात लिखी गई थी। बहरहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
अपराध क्रमांक और संबंधित धाराएँ
इस मामले में उरगा थाना में अपराध क्रमांक 59/2025, धारा 103 (1) , 109 BNS के तहत् अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
महत्वपूर्ण भूमिका
इस जघन्य अपराध की विवेचना पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतीश ठाकुर के मार्गदर्शन तथा क्राइम एवं यातायात प्रभारी रविन्द्र कुमार मीना (भा.पु.से.) एवं नगर पुलिस अधीक्षक कोरबा भूषण एक्का के नेतृत्व में गठित विशेष टीमों द्वारा की गई।
इस महत्वपूर्ण जाँच में निरीक्षक युवराज तिवारी (थाना प्रभारी उरगा), उप निरीक्षक प्रेम चंद साहू (थाना दीपका), उप निरीक्षक अजय सोनवानी (साइबर सेल), सउनि संतराम सिन्हा, सउनि परमेश्वर गुप्ता, सउनि अमर जायसवाल (पुलिस केंद्र मानिकपुर), सउनि राम पाण्डेय (थाना कटघोरा), सउनि दुर्गेश राठौर (थाना सिविल लाइन रामपुर), सउनि चक्रधर राठौर (थाना कोतवाली), सउनि अनिल खाण्डे (थाना बाकीमोंगरा), प्रधान आरक्षक गुना राम (साइबर सेल), प्रधान आरक्षक सचिन नवनीत (थाना उरगा), प्रधान आरक्षक राजेश कंवर (रक्षित केंद्र कोरबा), प्रधान आरक्षक लखन कुर्रे, प्रधान आरक्षक बसंत भैना, महिला प्रधान आरक्षक गीता तिर्की (थाना उरगा), प्रधान आरक्षक किशोर तिग्गा (थाना उरगा), आरक्षक आलोक टोप्पो (साइबर सेल), आरक्षक कौशल महिलांगे (थाना कोतवाली), आरक्षक चंद्रकांत गुप्ता (थाना कोतवाली), आरक्षक राम पाटले (थाना यातायात), आरक्षक प्रदीप राठौर (पुलिस केंद्र मानिकपुर), आरक्षक संजय रात्रे (पुलिस केंद्र मानिकपुर), आरक्षक अशोक चैहान (थाना दर्री), आरक्षक रितेश शर्मा (रक्षित केंद्र कोरबा), आरक्षक झंगल मंझवार (थाना उरगा), आरक्षक समार सिंह (थाना उरगा), आरक्षक विकास कौशले (थाना करतला), महिला आरक्षक सुर्या खुटे (थाना उरगा), महिला आरक्षक अनुराधा कंवर (थाना उरगा), आरक्षक सुनील गुप्ता (डॉग स्कॉड),आरक्षक उमेश मैशमा, आरक्षक समार साय पैकरा, आरक्षक रामकुमार पैकरा, आरक्षक नितेश तिवारी, आरक्षक प्रेमचंद साहू, आरक्षक नरेश तंदेल, आरक्षक महासिंह सिदार, आरक्षक वीरेंद्र अनंत, आरक्षक अजय यादव, आरक्षक पुष्पेंद्र खूंटे, आरक्षक रामेन्द्र बर्मन, आरक्षक यादराम बघेल, आरक्षक श्यामजी एक्का, आरक्षक ओम प्रकाश निराला, आरक्षक डेमन ओंग्रे, विरके’वर प्रताप सिंह, सुशील, प्रशांत, रवि चैबे, रेणु टोप्पो (साइबर सेल) ने सराहनीय योगदान दिया। आर0 नीरज डेनियल, देवराज कैवर्त, दिनेश कुमार मरावी, चंद्रसेन खूटें, रामचंद राजपूत ,वं एफएसएल टीम डाॅ- सत्यजीत सिंह कोसरिया, डाॅ- राजश्री सिंह, प्र-आर- हेमन्त चौहान।
