साल 2025 के अंत तक पहला मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप बाजार में उपलब्ध होगा: PM नरेन्द्र मोदी

दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (23 अगस्त, 2025) को भारत में निर्मित पहले मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप को लेकर बड़ी घोषणा की है. पीएम मोदी ने कहा कि साल 2025 के अंत तक पहला मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप बाजार में उपलब्ध होगा.

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार मेड इन इंडिया 6जी नेटवर्क को विकसित करने के लिए तेजी से काम कर रही है.

इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2025 में अपना संबोधन देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने सेमीकंडक्टर के घरेलू निर्माण का मौका दशकों पहले गंवा दिया था, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं.

50-60 साल पहले ही भारत में बन सकते थे सेमीकंडक्टर चिप- पीएम मोदीपीएम मोदी ने कहा, ‘हम सभी जानते हैं कि भारत में 50-60 साल पहले ही सेमीकंडक्टर का निर्माण शुरू हो सकता था, लेकिन भारत ने वह मौका गंवा दिया और वही स्थिति उसके आगे लंबे समय तक बनी रही. आज हमने इस हालात को बदल दिया है. भारत में सेमीकंडक्टर से जुड़ी फैक्ट्रियां लगनी शुरू हो चुकी हैं.’ उन्होंने कहा, ‘स्वदेशी रूप से विकसित पहला सेमीकंडक्टर चिप इसी साल के अंत तक बाजार में आ जाएगा.’

टेलीकॉम टेक्नोलॉजी के विकास पर प्रधानमंत्री ने डाला प्रकाशवहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टेलीकॉम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में की जा रही कोशिशों पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा, ‘हम मेड इन इंडिया 6जी नेटवर्क को विकसित करने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं. सरकार का फोकस दुनिया में हो रही प्रगति के साथ अपने कदम मिलाने पर है.’

100 देशों तक पहुंचने वाला है भारत का ईवी एक्सपोर्टप्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के दौरान इस बात ऐलान करते हुए कहा, ‘मैं आपको भारत की एक और सफलता के बारे में बताना चाहता हूं. भारत जल्द ही इलेक्टिक व्हीकल (EV) के क्षेत्र में एक बड़ी ताकत बनने जा रहा है. भारत अब दुनिया के 100 देशों में इलेक्ट्रिक वाहन निर्यात करने जा रहा है. इससे सफलता से जुड़ा एक बहुत बड़ा कार्यक्रम दो दिन के बाद मंगलवार (26 अगस्त, 2025) को आयोजित किया जा रहा है.’

पीएम मोदी ने की भारत की अर्थव्यवस्था की सराहनप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था की सराहना करते हुए कहा, ‘भारत, जो रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र का पालन करता है, वह आज दुनिया को धीमी विकास दर से बाहर निकालने की स्थिति में है. हम वैसे लोग नहीं हैं, जो ठहरे हुए पानी के किनारे बैठकर उसमें कंकड़ फेंकते हैं. हम वो लोग हैं, जो तेज बहती धारा को भी मोड़ सकते हैं.’

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