महाराष्ट्र चुनाव:गड़बड़ी के आंकड़ों पर उल्टा पड़ गया राहुल का दांव, CSDS ने मांगी माफी, BJP ने कांग्रेस को घेरा

नईदिल्ली 20 अगस्त (RNS)। महाराष्ट्र में 2024 के लोकसभा चुनाव से लेकर 2024 के विधानसभा चुनाव तक की छह महीने की अवधि में मतदाता सूची में कथित विसंगतियों को लेकर गरमागरम बहस के बीच भाजपा ने कांग्रेस पार्टी पर हमले तेज कर दिए हैं। दिल्ली स्थित एक प्रमुख सर्वेक्षण एजेंसी – सेंटर फार स्टडी आफ डेवेलपिंग सोसायटीज (सीएसडीएस) के झूठे आंकड़ों को आधार बनाकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य पार्टी नेता महाराष्ट्र की इस मतदाता सूची का हवाला देते हुए भाजपा और चुनाव आयोग पर हमलावर हो रहे थे। उन्होंने दोनों पर मिलीभगत और मतदान में धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया। मगर, मंगलवार को सीएसडीएस ने अपने निराधार निष्कर्षों को वापस ले. लिया। सीएसडीएस ने आंकड़ों को वापस लेते हुए यह स्वीकार किया कि ये काल्पनिक थे। उसने आंकड़ों को गलत तरीके से प्रस्तुत करने का दोष अपनी टीम पर डाल दिया। सीएसडीएस के निदेशक संजय कुमार ने कहा, महाराष्ट्र चुनाव से संबंधित ट्वीट्स के लिए मैं माफी मांगता हूं। लोकसभा और विधानसभा चुनावों के आंकड़ों की तुलना करते समय हमारी डाटा टीम से गलती हुई। अब यह ट्वीट हटा दिए गए हैं। मेरा किसी भी तरह की गलत सूचना फैलाने का कोई इरादा नहीं था। हालांकि, इसके बाद इंटरनेट मीडिया पर इस एजेंसी की तीखी आलोचना हुई और मुश्किल में फंसी कांग्रेस पार्टी भाजपा के निशाने पर आ गई। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, सीएसडीएस राहुल गांधी जैसे नेताओं के हाथों की कठपुतली मात्र है, जो लोगों का विश्वास नहीं जीत सके हैं। उन्हें ऐसे संगठन की जरूरत है जो झूठे आंकड़े और तथ्य उपलब्ध करा सकें ताकि वे निराधार आरोप लगा सकें। विपक्ष ने चुनाव आयोग को निशाना बनाने के लिए इसका इस्तेमाल किया है। यह एक खतरनाक खेल है। झूठ का माहौल बनाने की जिम्मेदारी कौन लेगा। क्या राहुल गांधी चुनाव आयोग से माफी मांगेंगे। भाजपा नेता अमित मालवीय ने भी राहुल और सीएसडीएस पर निशाना साधते हुए दावा किया कि वे असली मतदाताओं को नकली बताना चाहते थे। विपक्ष के नेता द्वारा दिए गए विरोधाभासी आंकड़ों का हवाला देते हुए मालवीय ने उनसे अपनी बात स्पष्ट करने को कहा। गौरतलब है कि संजय कुमार ने रविवार को महाराष्ट्र की मतदाता सूची के आंकड़े पोस्ट किए थे। इसमें दावा किया गया था कि छह महीनों की अवधि में मतदाता संख्या में भारी अंतर आया है। उन्होंने चार निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं के दो समूहों का विवरण पोस्ट किया, जिनमें से दो में भारी गिरावट देखी गई, जबकि अन्य दो में नाटकीय रूप से बढ़ोतरी देखी गई। कांग्रेस पार्टी ने इसे हाथों हाथ लिया और इसे भाजपा के इशारे पर चुनाव आयोग द्वारा मतदान में धोखाधड़ी और वोटों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया।
