बांग्लादेश ने अमेरिकी युद्धपोतों को सौंपे दो बंदरगाह, खुफिया सूचना भी साझा करेंगे

ढाका। अमेरिका और बांग्लादेश के बीच बीते करीब चार महीनों में तीन अहम करार हुए हैं। पहला व्यापार समझौता आर्ट (एग्रीमेंट ऑन रेसिप्रोकल ट्रेड) है, जबकि दो करार (अक्सा और जिसोमिया) रक्षा से जुड़े हैं। इन्हीं करारों के जरिए अमेरिका को बांग्लादेश के दो रणनीतिक बंदरगाहों, चटगांव और मतारबाड़ी, तक सैन्य पहुंच मिलने का रास्ता खुल रहा है। अक्सा लागू होने के बाद अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत और सैन्य विमान इन बंदरगाहों और संबंधित एयरबेस का इस्तेमाल रसद, ईंधन भरने, मरम्मत, रखरखाव और सैनिकों की आवाजाही के लिए कर सकेंगे।

दूसरी ओर, जिसोमिया के तहत दोनों देशों की सेनाओं के बीच गोपनीय सैन्य और खुफिया सूचनाएं साझा करने की व्यवस्था बनेगी। इसका मतलब है कि बांग्लादेश सिर्फ व्यापारिक साझेदार नहीं रहेगा, बल्कि अमेरिका के इंडो-पैसिफिक सैन्य ढांचे का अहम पड़ाव बन सकता है।

चिंता… त्रिपुरा से 80 किमी दूर है मतारबाड़ी बंदरगाह

चटगांव और मतारबाड़ी बंदरगाह बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में हैं। चटगांव त्रिपुरा के सबरूम क्षेत्र से 80 किमी तो मतारबाड़ी 150 किमी दूर है। इन बंदरगाहों पर अमेरिकी आवाजाही से उसकी नौसेना भारत के पूर्वोत्तर के पास ज्यादा देर तक टिक सकेगी और अंडमान सागर तक निगरानी मजबूत कर सकेगी।

धमकी… टैरिफ छूट बचाए रखने के लिए हुआ करार

बांग्लादेशी अर्थव्यवस्था रेडीमेड गारमेंट्स पर टिकी है। अमेरिका ने इसी कमजोरी को दबाव का औजार बनाया। रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रम्प ने सीधे संकेत दिया कि रक्षा समझौते नहीं हुए तो 19% टैरिफ रियायत और ड्यूटी-फ्री कोटा खत्म कर दिया जाएगा। बांग्लादेश ने इसी दबाव में आकर करार किए हैं।

इधर… पाक ने बांग्लादेश को दिए दो JF-17 जेट

पाकिस्तान ने बांग्लादेश एयरफोर्स को दो जेएफ-17 फाइटर जेट सिमुलेटर सौंपे हैं। ये बांग्लादेशी पायलटों की ट्रेनिंग व एयरक्राफ्ट ऑपरेशन की तैयारी के लिए दिए गए हैं। जेएफ-17 विमान पाक-चीन ने मिलकर विकसित किया है। बांग्लादेश एयरफोर्स की ट्रेनिंग हो जाने के बाद पाक इसकी खेप उन्हें अगले तीन माह सौंपेगा।

मलक्का स्ट्रेट पर तनाव बढ़ेगा

स्ट्रेट ऑफ मलक्का हिंद महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ता है। यह सबसे व्यस्त समुद्री मार्ग व चोकपॉइंट है। दुनिया का 60% ट्रेड इसी रूट से होकर गुजरता है।

भारत के साथ यह चीन जापान, द. कोरिया जैसे देशों के लिए अहम। तनाव बढ़ने पर बड़ा संकट पैदा होगा।

चटगांव और मतारबाड़ी में अमेरिकी लॉजिस्टिक पहुंच से अमेरिका बंगाल की खाड़ी से मलक्का तक जाने वाले समुद्री रास्ते पर निगरानी, रसद और सैन्य पहुंच मजबूत कर सकेगा। इससे चीन की मलक्का दुविधा गहरी होगी।

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