भारत सरकार ने पांच साल के इंतजार के बाद चार नए श्रम कानूनों को लागू किया

नई दिल्ली. भारत सरकार ने पांच साल के इंतजार के बाद 29 पुराने श्रम कानूनों की जगह चार नए श्रम कानूनों को लागू कर दिया है। श्रम मंत्रालय ने इन कानूनों से जुड़े नियमों को भी अधिसूचित कर दिया है। इनके माध्यम से कर्मियों के समय से वेतन मजदूरी, कंपनियों-मजदूरों के विवाद, मजदूरों की पेंशन व बीमा जैसी सुविधाएं और कार्यस्थल पर बेहतर माहौल बनाने एवं स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर दिया जाएगा। सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे तक ही काम कराया जा सकेगा।
गिग वर्कर्स को भी मिलेगी सामाजिक सुरक्षाः श्रम मंत्रालय की सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के जरिए गिग वर्कर्स के लिए भी कल्याणकारी योजनाएं बनाई जा सकेंगी। इनमें एक्सीडेंट, हैल्थ कवर के साथ मेटरनिटी सुविधाएं, लाइफ व डिसेबिलिटी कवर भी मिल सकेगा। इसके जरिए फूड डिलीवरी करने वाले, राइड हेलिंग ड्राइवर और ई कॉमर्स लॉजिस्टिक्स बिजनेस से जुड़े कामगारों को लाभ मिल सकेगा।
ज्यादातर जगहों पर लागू होंगे ये नियम
श्रम मंत्रालय की ओर से जारी किए गए श्रम संहिताओं से संबंधित नियम ज्यादातर जगहों पर लागू होंगे। जैसे टेलीकॉम, बैकिंग एवं इश्योरेंस, ऑयल फील्ड, बंदरगाह, एयर ट्रांसपोर्ट, खनन व केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों व उनके कॉन्ट्रैक्टर्स पर। इसके अलावा यह लेबर कोड राज्य के विशेष नियमों को अंतिम रूप से तय कर उन्हें लागू करने का भी आधार बनेंगे।
नए कानूनों से कर्मियों को होंगे ये लाभ
नए नियमों के अनुसार किसी भी कर्मचारी से सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे तक ही काम कराया जा सकेगा। सप्ताह में एक अवकाश अनिवार्य रूप से देना होगा। अगर वह 8 घंटे से ज्यादा कार्य करता है तो सामान्य वेतन से दोगुना भुगतान करना होगा।
किसी भी कर्मी के मूल वेतन और महंगाई भत्ते को मिला कर कुल वेतन का कम से कम 50 प्रतिशत होना अनिवार्य होगा।
सभी श्रेणियों के कामगारों के लिए न्यूनतम वेतन का अधिकार।
एक वर्ष के रोजगार के बाद निश्चित अवधि के कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी देनी होगी।
हर कर्मी को नौकरी पर रखते समय नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य होगा। 40 वर्ष से अधिक आयु के कर्मियों को मुफ्त स्वास्थ्य जांच की सुविधा देनी होगी।
महिलाओं को भी समान काम के लिए समान वेतन व समान अवसर सुनिश्चित कराए जाएंगे। अलग शिफ्ट में काम पर भी बराबर हक।
