बेट द्वारका में 20 मीटर गहरे पानी में एएसआई को कीमती अवशेष मिले

जामनगर (गुजरात). भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की अंडरवाटर आर्कियोलॉजी विंग ने यात्राधाम द्वारका और बेट द्वारका के तटीय इलाकों के साथ-साथ अरब सागर में पुरातात्विक खुदाई का पहला चरण पूरा कर लिया है। दिसंबर 2025 में शुरू हुए पहले चरण के तहत बेट द्वारका में 20 मीटर गहरे पानी में कीमती अवशेष मिले हैं। इसमें विदेशी सिक्के भी शामिल हैं। एएसआई के महानिदेशक यदुबीरसिंह रावत ने भी साइट का दौरा किया। इनमें पत्थर की संरचनाएं, मिट्टी के बर्तन, कांच के मोती, शंख की चूड़ियां, सिक्के और लोहे की चीजें मिलीं। इससे साबित होता है कि इस द्वीप पर प्रागैतिहासिक समय से लेकर शुरुआती ऐतिहासिक समय तक इंसानों की बस्तियां थीं।
भगवान कृष्ण की द्वारका के ‘द्वार खुलेंगे’
इस शोध का मुख्य मकसद पुराणों में भगवान कृष्ण की द्वारका के जिक्र की सच्चाई और सही जगह का पता लगाना है। इसके जरिए पिछले कई सालों से जो सवाल बिना जवाब के थे, उनके जवाब मिल रहे हैं। यहां इस बात के सबूत मिल रहे हैं कि ग्रीक लिटरेचर की पहली सदी में जिस ‘बराका’ बंदरगाह का जिक्र है, वही बेट द्वारका है।
