तेज आंधी ने तोड़े बिजली तार, 24 गांव अंधेरे में

कोरबा 06 मई। भीषण गर्मी के दौर में मौसम के बदलते तेवर भले ही लोगों को कुछ देर की राहत दे रहे हैं लेकिन इसमें आफत ज्यादा हैं। कई तरह की आपदा की तस्वीर पिछली शाम से लेकर रात मौसम परिवर्तन के कारण इलाके में निर्मित हुई है। सबसे ज्यादा दिक्कत कोरबा जिले के विकासखंड कोरबा के 24 गांव के सामने जहां शाम 5 बजे से बिजली गुल रही। लोगों ने अंधेरे में रात गुजारी। आज दोपहर तक भी बिजली का अतापता नहीं था।

सीएसईबी के कोरबा ग्रामीण वितरण संभाग के अंतर्गत आने वाले इस बेल्ट में बदले मौसम के चक्कर में परेशानियां कायम हो गई। कुदमुरा और करतला के आसपास के क्षेत्र के 24 गांव में पहले की तरह इस बार भी ब्लैक आउट के हलात पैदा हुए । जब कभी भी तेज रफ्तार से आंधी और उसके बाद आंधी होती है, लोग मानकर चलते है कि अब उनके हिस्से में अगले कई घंटे बिजली नहीं होना है। यह इस बार भी हुआ। बताया गया कि बरपाली, जिल्गा, चचिया, गिरारी, गेरांव, कुदमुरा, सोनारी, सरनीडेरा से लेकर एक बड़ा हिस्सा फिर से अंधेरे में समा गया। बताया गया कि बैगामार, चचिया और जिल्गा के साथ कुछ और क्षेत्र में अंधड़ के चक्कर में पेड़ों की टहनिया टूटकर विद्युत लाईन पर गिरी और उसे नुकसान पहुंचाया। ऐसे में खतरे पैदा हुए। बारिश के बीच किसी भी स्तर पर इस लाइन को बेहतर करने की रिस्क लेने का सवाल पैदा नहीं हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि इस क्षेत्र में बहुत बड़ा हिस्सा हाथी प्रभावित क्षेत्र का है। लोगों को अंधेरे से लेकर जंगली जानवरों के बीच पूरी रात कई प्रकार की आशांकाओं में गुजारनी पड़ी। वे चाहते है कि विद्युत की बहाली को यथाशीघ्र करने का प्रयास हो।

ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति से जुड़ी समस्या के बारे में जानकारी मिली है और इसे जल्द ठीक करने के लिए प्रयास किया जा रहा है। विकासखंड कोरबा के एक बड़े हिस्से में विद्युत की आपूर्ति पत्थलगांव क्षेत्र से होती है। जब तक वहां से जुड़ी समस्याएं ठीक नहीं होती है और इसकी सूचना हमारे पास तक नहीं आएगी, आपूर्ति को बहाल करना मुश्किल होगा। सीएसईबी का प्रयास इसी क्षेत्र में कोई बड़ा सबस्टेशन डेवलप किया जाए ताकि पत्थलगांव पर बनी निर्भरता को दूर किया जा सके।
एस सोनी, डीई, सीएसईबी वितरण ग्रामीण संभाग

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