कोरबा जिले में 4 माह के भीतर 2 करोड़ 90 लाख की ऑनलाइन ठगी, 422 मामले पहुंचे थाने

कोरबा 03 मई। जिले में विगत 4 माह के दौरान ऑनलाइन फ्रॉड की 422 शिकायतें पहुंची हैं। इनमें कई डिजिटल अरेस्ट कर, फेसबुक व वाट्सएप हैक कर मदद के नाम पर पैसे मांगने, एपीके फाइल भेज मोबाइल हैक करके ट्रांजेक्शन करने, ऑनलाइन गेमिंग के जरिए ठगी के शिकार हुए हैं। ऑनलाइन ठगों ने कुल रकम 2 करोड़ 90 लाख 34543 पार की है। वहीं 244 बैंक खाते होल्ड करने के बाद 60 लाख 29237 रुपए बैंक खाते से पार होने से बचे।

जिले में इस साल अब तक 4 माह के भीतर 422 लोग ऑनलाइन ठगी का शिकार बनकर सायबर थाने पहुंचे। ऐसे मामलों में राहत की बात सिर्फ इतनी रही कि जिन्होंने जल्दी शिकायत की, उनके खाते समय रहते होल्ड हो गए और ठग अपने प्रयास में असफल रहे।
ऑनलाइन फ्रॉड होने के बाद शुरुआती समय के भीतर जिन्होंने डायल 1930 नंबर, सायबर थाना या फिर निकटतम क्षेत्र के पुलिस थानों में शिकायत की, ऐसे 244 लोगों के बैंक खातों को पुलिस ने बैंक से संपर्क कर समय पर होल्ड करा लिया। इस तरह पीड़ितों की मेहनत की कमाई ऑनलाइन ठगों के हाथ में जाने से बच गई।

ऑनलाइन फ्रॉड के बढ़ते मामले को देखते हुए एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने सजग कोरबा, सतर्क कोरबा अभियान के तहत सायबर अपराधों की रोकथाम के लिए जन जागरूकता अभियान शुरू कराया है। इसमें ठगी से बचाव के लिए लोगों को ओटीपी, बैंक डिटेल व यूपीआई पिन साझा नहीं करने और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

सायबर थाना प्रभारी निरीक्षक ललित चंद्रा के मुताबिक ऑनलाइन ठगी का शिकार होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें, बैंक या नजदीकी थाना, सायबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं। घटना के 1 घंटे के भीतर शिकायत मिलने पर ठगी गई राशि को होल्ड कराकर वापसी की संभावना रहती है। देरी करने पर राशि ट्रांजेक्शन के माध्यम से अन्य खातों में स्थानांतरित हो सकती है, जिससे रिकवरी कठिन हो जाती है। सजगता ही ऑनलाइन ठगी से बचा जा सकता है। ऑनलाइन ठगी के बाद जितनी जल्दी शिकायत होगी, उतनी जल्दी बैंक खाता होल्ड करते हुए रकम की वापसी कराई जा सकती है।

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