वॉशिंगटन अब कूटनीति के साथ-साथ ईरान पर सैन्य दबाव को भी तेज करने के मूड में

तेहरान। मिडिल-ईस्ट में एक बार फिर तनाव बढ़ने के आसार हैं. ‘यूएस सेंट्रल कमांड’ की ओर से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के विकल्पों पर विस्तार से ब्रीफिंग दी है. इससे साफ संकेत मिलता है कि वॉशिंगटन अब कूटनीति के साथ-साथ सैन्य दबाव को भी तेज करने के मूड में है.

अधिकारियों के मुताबिक, इस 45 मिनट की लंबी ब्रीफिंग में ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की नई और आक्रामक योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई है. अमेरिकी सैन्य योजनाकार इस बात के लिए भी तैयार हैं कि यदि अमेरिका नाकाबंदी या हमला करता है, तो ईरान क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सेना पर पलटवार कर सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप के सामने कम समय में तेज-सटीक हमलों की रणनीति रखी गई है, जिसमें ईरान के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जा सकता है. इसका मकसद ईरान को मजबूर करना है, ताकि वह परमाणु मुद्दे को लेकर अपने रूख में नरमी दिखाए और वापस बातचीत की मेज पर लौटे. जब राष्ट्रपति ट्रंप से ईरान के साथ संभावित बातचीत के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में जवाब दिया. ट्रंप ने कहा, ‘वे (ईरान) छिपे बैठे हैं और समझौता चाहते हैं.’ अमेरिका की सेना अब अपने सबसे आधुनिक हथियार डार्क ईगल को मध्य पूर्व में तैनात करने की तैयारी कर रही है. यह हथियार अमेरिकी सेना का पहला हाइपरसोनिक मिसाइल सिस्टम है, जिसे आधिकारिक तौर पर लॉन्ग-रेंज हाइपरसोनिक वेपन कहा जाता है. खबरें हैं कि ईरान ने अपने ट्रांसपोर्टर इरेक्टर लॉन्चर उन जगहों पर ले जाकर रख दिए हैं जो अमेरिका के मौजूदा हथियारों की पहुंच से बाहर हैं. ऐसे में अमेरिका को डार्क ईगल की जरूरत पड़ी है.

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अपने नागरिकों के ईरान, इराक और लेबनान की यात्रा करने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. यूएई के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए यूएई के नागरिकों के ईरान, इराक और लेबनान की यात्रा पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया गया है. इन देशों में पहले से मौजूद अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है. यह अपील की भी है कि हमारे जो भी नागरिक ईरान, इराक और लेबनान में हैं, वे तुरंत अपने देश वापस लौट आएं. इससे पहले यूएई ने तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक से भी बाहर आने का ऐलान कर दिया था. ओपेक कच्चे तेल का उत्पादन और निर्यात करने वाले देशों का प्रमुख संगठन है. 

दूसरी ओर इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में हवाई हमले का वीडियो जारी किया है. उसने भूमिगत सुरंगों को निशाना बनाने का दावा किया है. लेबनान में बफर जोन के बाहर आठ शहरों को इजरायली सेना ने हमले से पहले खाली करने के आदेश दिए थे. इसके बाद उसकी तरफ से बमबारी की गई.

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