कारखानों में हो रही दुर्घटनाओं को लेकर राज्यपाल रमेन डेका सख्त

रायपुर। कारखानों में हो रही दुर्घटनाओं को लेकर राज्यपाल रमेन डेका भी सख्त हो गए हैं। इसे लेकर राज्यपाल ने राज्य सरकार के चीफ इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज हिम शिखर गुप्ता से लोकभवन में मुलाकात की। इस दौरान राज्यपाल ने कारखानों में होने वाली औद्योगिक दुर्घटनाओं को रोकने और श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
राज्यपाल ने निर्देश दिए है कि कारखानों में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन हो, मशीनों की नियमित जांच की जाए तथा कर्मचारियों को समय-समय पर सुरक्षा के लिए प्रशिक्षण दिया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की लगातार मॉनीटरिंग की जाए, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को समय रहते रोका जा सके और श्रमिकों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण तैयार हो।
तीन साल में 300 श्रमिकों की मौत
राज्य औद्योगिक हादसों की सूची लंबी है। पिछले तीन साल में औद्योगिक दुर्घटनाओं में लगभग 300 श्रमिकों की जान चली गई, जबकि 248 श्रमिक घायल हो गए। यह आंकड़े जनवरी 2026 तक के हैं। इसके बाद तीन से चार बड़े हादसे हुए हैं। इसमें हाल ही में वेदांता पावर प्लांट की दुर्घटना ने सबको चिंता में डाल दिया है। प्रदेश में 31 जनवरी तक छत्तीसगढ़ में 7,324 सरकारी व निजी कारखाने कार्यरत हैं। इनमें से 948 कारखानों को ‘खतरनाक’ और 32 को ‘अत्यंत
खतरनाक’ के रूप में चिह्नित किया है। इसके बाद भी इसकी सुरक्षा को लेकर कारखाना प्रबंधन और विभागों की लापरवाही सामने आती रही है।
बता दें कि वेदांता के अलावा खरसिया के कार्बन फैक्ट्री में लगी भीषण आग में एक ही परिवार के 3 सदस्यों और एक 9 महीने की बच्ची ‘सहित 4 लोगों की मौत हो गई।
जनवरी 2026 में बलौदाबाजार-भाटापारा के बकुलाही गांव में इस्पात एंड पावर लिमिटेड में विस्फोट से 6 श्रमिकों की जान गई और कई लोग घायल हुए थे।
