सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत कोरबा जिले के 37 क्षेत्रों में लगेंगे जनसमस्या निवारण शिविर

कोरबा 24 अप्रैल 2026/ कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के निर्देश पर कोरबा जिले में आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं पारदर्शी निराकरण हेतु “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत व्यापक स्तर पर जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। राज्य शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप जनता को समयबद्ध सेवाएँ प्रदान करने और योजनाओं का लाभ सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुँचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा कुल 37 शिविरों का विस्तृत कैलेंडर जारी किया गया है। संबंधित विभागों के अधिकारियों को क्लस्टर प्रभारी बनाते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन शिविरों की शुरुआत जनपद पंचायत पोडीउपरोड़ा में 04 मई 2026 को लैंगा से होगी। इसके तहत 07 मई को सारिसमार, 11 मई को चोटिया, 15 मई को सिरमीना, 18 मई को तुमान, 21 मई को जल्के, 26 मई को जटगा, 29 मई को तानाखार, 03 जून को मोरगा तथा 04 जून 2026 को गुरसिया में शिविर आयोजित किए जाएंगे।
जनपद पंचायत पाली के अंतर्गत 04 मई को ईरफ, 08 मई को मागामार, 11 मई को चोढ़ा, 15 मई को नोनबिर्रा, 18 मई को नगोई, 22 मई को धौराभांठा, 26 मई को निरधी, 29 मई को चेपा तथा 04 जून 2026 को रेंकी में शिविर लगाए जाएंगे।
जनपद पंचायत कोरबा में 07 मई को ढोंगदरहा, 11 मई को चुईया, 14 मई को केराकछार, 21 मई को पहदा, 01 जून को देवपहरी, 03 जून को बरपाली और 05 जून 2026 को चिर्रा में शिविरों का आयोजन होगा।
जनपद पंचायत करतला में 07 मई को कोटमेर, 13 मई को गिधौरी, 20 मई को देवलापाठ, 28 मई को नवापारा (चै), 01 जून को कनकी और 04 जून 2026 को फरसवानी में जनसमस्याओं का निराकरण किया जाएगा। जनपद पंचायत कटघोरा क्षेत्र में 07 मई को धनरास, 14 मई को सिंघाली, 19 मई को डोंगरी, 26 मई को छिंदपुर तथा अंतिम शिविर 05 जून 2026 को खैरभवना में आयोजित होगा।
सभी शिविरों में राजस्व, पंचायत, बिजली, पेयजल, सामाजिक सुरक्षा, खाद्य, श्रम, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहकर समस्याओं का यथासंभव मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित करेंगे। जिन प्रकरणों का समाधान तत्काल संभव नहीं होगा, उनके लिए समय-सीमा निर्धारित कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों एवं स्थानों पर आयोजित इन शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपनी समस्याएँ दर्ज कराएँ तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करें।
