महतारी वंदन का लाभ पाने केवाईसी के लिए लग रही भीड़

कई कारणों से सरकार ने ई-केवाईसी का विकल्प किया अनिवार्य
कोरबा 24 अपै्रल। महतारी वंदन योजना (एमवीवीवाई) के तहत मिलने वाली 1000 रुपए की मासिक सहायता को जारी रखने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिए जाने के बाद जिले भर में चॉइस सेंटरों पर महिलाओं की भीड़ बढ़ गई है। योजना का लाभ किसी भी प्रकार से बाधित न हो, इसके लिए हितग्राही बड़ी संख्या में अपने दस्तावेजों के साथ केवाईसी अपडेट कराने पहुंच रही हैं।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संचालित चॉइस सेंटरों में सुबह से ही लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कई स्थानों पर महिलाओं को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। आधार कार्ड और मोबाइल नंबर से जुड़े ओटीपी के माध्यम से केवाईसी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। तकनीकी दिक्कतों और नेटवर्क समस्या के कारण भी कुछ जगहों पर प्रक्रिया धीमी पड़ रही है, जिससे भीड़ और बढ़ रही है।
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है। इसके बावजूद कुछ केंद्रों पर शुल्क वसूली की शिकायतें सामने आने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। कोरबा जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) बसंत मिंज ने बताया कि किसी भी प्रकार का शुल्क लेना नियमों के विरुद्ध है और ऐसा पाए जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन ने महिलाओं से अपील की है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही केवाईसी कराएं और किसी भी प्रकार की अवैध वसूली होने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही भीड़ से बचने के लिए अलग-अलग समय पर सेंटर पहुंचने की सलाह भी दी गई है, ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।
नए आवेदन भी लिए जा रहे
जानकारी के अनुसार महतारी वंदन योजना की शुरुआत के दौरान जितनी महिलाओं ने आवेदन किया था, उनकी जांच-पड़ताल के साथ लाभ देना शुरू किया गया। बाद में कई शिकायतें आने पर आवेदनों और पात्रता को निरस्त करते हुए लाभ बंद कर दिया गया। जबकि अब योजना के अंतर्गत शर्तें पूरी करने वाली महिलाओं से आवेदन लिए जा रहे हैं। आंगनबाडियों में इसके लिए प्रक्रियाएं जारी है। याद रखना होगा कि इनकम टैक्स प्रदाता और पेंशनर्स इस योजना के पात्रग्रहिता में शामिल नहीं हैं। किसी भी तरह से अगर वे आवेदन करते हैं तो इसे खारिज ही होना है।
