शॉपिंग काम्प्लेक्स के साथ आमदनी बढ़ाने पर जोर, लेकिन बढ़ती घटनाओं को लेकर चेंबर ऑफ कॉमर्स ने जताई चिंता

कोरबा 04 अप्रैल। शहर के विस्तार के साथ शॉपिंग काम्प्लेक्सों की बाढ़ आई हुई है। स्वाभाविक रूप से इसके जरिए व्यवसाय बढ़ रहा है और कमाई सुनिश्चित हो रही है। इन सबके साथ मौके पर सुरक्षा की व्यवस्था करने के लिए ध्यान देना जरूरी नहीं समझा गया है। इधर चोरी-चकारी की घटनाएं बढने से लोग परेशान हैं। ऐसे में क्या किया जाए, उनकी समझ में कुछ नहीं आ रहा है।

एक व्यापारिक संगठन चेंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से बढ़ती घटनाओं को लेकर चिंता जताई गई। उसने ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में हो रही घटनाओं के मामले में एक ज्ञापन पुलिस को दिया है। इसमें कुछ घटनाओं का जिक्र किया गया है और कहा गया है कि इन सब कारणों से परेशानियां हैं। पेट्रोलिंग बढ़ाने के साथ कुछ और कदम उठाए जाएं। ऐसा होने पर दिक्कतें कम हो सकती है। इस पर संज्ञान लेने की बात कही गई।

कोतवाली सिविल लाइन थाना और शहर की दो चौकियों के पास जितना पुलिस बल उपलब्ध है उसके अनुपात में क्षेत्र की आबादी और संस्थान बहुत ज्यादा हैं। लिखा-पढ़ी के साथ विभिन्न मामलों में जांच-पड़ताल से लेकर यहां-वहां की जाने वाली औपचारिकताओं की पूर्ति में पुलिस का काफी बल लगता है। कुल मिलाकर सीमित कार्यबल के जरिए पुलिस के पास चुनौतियां ज्यादा हैं। उसने आसपास की व्यवस्थाओं को देखने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस का इस्तेमाल कर रखा है ताकि सुरक्षा तय हो सके। यह व्यवस्था विभागीय के साथ-साथ जनभागीदारी से की गई है। सैकड़ों की संख्या में मुख्य मार्गों और अन्य क्षेत्रों में लगे हाई फ्रीक्वेंसी वाले कैमरे क्राइम कंट्रोल के साथ-साथ घटनाएं होने पर अनुसंधान की दिशा में क्लू खोजने में सहायक भूमिका निभाते हैं। इन सबसे अलग हटकर देखने को मिल रहा है कि ट्रांसपोर्ट नगर और अन्य क्षेत्रों में व्यवसायिक संस्थानों ने तोडफोड़ से लेकर चोरी की घटनाएं हो रही है। हर किसी की अपेक्षा यही है कि पुलिस पूरे समय इलाकों की पेट्रोलिंग करे लेकिन व्यवहारिक रूप से यह संभव नहीं दिख रहा है। पुलिस अधिकारी कहते हैं कि जन सामान्य की बात छोड़ दी जाए तो कारोबारियों और शॉपिंग काम्प्लेक्स संचालित करने वाले लोगों की ड्यूटी है कि वे अपने स्तर पर भी कुछ काम करें। खासतौर पर रात्रि के दौर में निगरानी के लिए रात्रि में वॉचमेन तो रखा ही जा सकता है। अधिकांशतः इसकी कमी बनी हुई है। अगर यह व्यवस्था भी कर ली जाती है तो आपराधिक तत्वों को डर तो रहेगा कि पेट्रोलिंग के साथ-साथ मौके पर अन्य स्तर पर भी हमारी निगरानी हो रही है।

ट्रांसपोर्ट नगर चौक से सीएसईबी चौक के मध्य और भीतर के हिस्से में न केवल नई दुकानों का निर्माण हो रहा है बल्कि उनका संचालन भी शुरू किया जा रहा है। ऐसे में प्रतिस्पर्धा में खुद को साबित करने वाला वर्ग सुरक्षा को लेकर भी अपनी ओर से गंभीरता दिखाए, इसकी जरूरत समझी जा रही है। कुछ इलाकों में इस तरह की शुरुआत कारोबारियों की ओर से की गई है ताकि व्यक्तिगत और सामूहिक हित में एक बड़ा योगदान सुनिश्चित हो सके।

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