बागेश्वर सरकार के हनुमंत कथा से पहले ढपढप में निकली भव्य कलश यात्रा

कोरबा 28 मार्च। जिले में स्थित ढपढप क्षेत्र में शुक्रवार का दिन आस्था, भक्तिभाव और आध्यात्मिक ऊर्जा से पूरी तरह सराबोर नजर आया, जब दिव्य श्री हनुमंत कथा के शुभारंभ अवसर पर करीब 21 हजार महिलाओं ने एक साथ भव्य कलश यात्रा निकालकर पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण में बदल दिया। यह दृश्य इतना अलौकिक और मनोहारी था कि जहां तक लोगों की नजर गई, वहां सिर्फ श्रद्धा, भक्ति और सनातन संस्कृति की झलक ही दिखाई दी।
पीले वस्त्रों से सुसज्जित महिलाओं ने सिर पर पवित्र कलश धारण कर जैसे ही यात्रा की शुरूआत की, पूरा ढपढप क्षेत्र ‘जय श्री राम ‘, ‘बोलो पवनपुत्र हनुमान की जय’ और ‘जय बजरंगबली’ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धा और अनुशासन के साथ आगे बढ़ती इस विराट यात्रा ने हर किसी के मन में भक्ति का संचार कर दिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा क्षेत्र किसी दिव्य आध्यात्मिक महोत्सव का साक्षी बन गया हो। यह कलश यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा या परंपरा भर नहीं, बल्कि आस्था, नारी शक्ति, सामाजिक समरसता और सनातन संस्कृति के गौरव का भी भव्य प्रतीक बनकर उभरी है। हजारों महिलाओं की एक साथ रही इस उपस्थिति ने यह संदेश भी दिया कि, ‘जब समाज की मातृशक्ति धर्म और संस्कृति के संरक्षण के लिए एकजुट होती है, तब पूरा वातावरण दिव्यता से भर उठता है। ‘
जिले के ढपढप क्षेत्र में निकाली गई इस वृहद धार्मिक यात्रा में दूर-दराज के गांवों और क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं के साथ-साथ, स्थानीय लोगों ने भी इसमें बढ़-चढकर अपनी भागीदारी निभाई। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह कतारबद्ध खड़े श्रद्धालुओं ने धार्मिक यात्रा में शामिल महिलाओं के सम्मान में पुष्पवर्षा कर अपनी आत्मियता प्रदर्शित की। इस दौरान सेवा की झलक भी देखने को मिली, जिससे आयोजन की भव्यता और भी ज्यादा बढ़ गई। हर किसी का मुखड़ा उत्साह, श्रद्धा और आनंद से दमकता हुआ नजर आया। इस आयोजन के दौरान सुरक्षा, यातायात और व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा गया, जिससे श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति के बावजूद कार्यक्रम पूरी तरह व्यवस्थित और सफल रहा।
दिव्य श्री हनुमंत कथा के शुभारंभ से पहले निकाली गई यह कलश यात्रा कोरबा जिले के लिए न केवल धार्मिक दृष्टि से ऐतिहासिक रही, बल्कि इसने यह भी साबित कर दिया कि कोरबा की धरती पर सनातन संस्कृति की जड़ें कितनी गहरी और मजबूत हैं। कथा आयोजन के पूर्व ढपढप क्षेत्र में निकली इस रैली में शामिल उत्साहित लोगों की भीड़ ने जिलेवासियों के मन में न केवल एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है बल्कि लोगों के मन में श्रद्धा का प्रमाण भी बन गई है
