बीते एक वर्ष में RSS की 6 हजार शाखाएं बढ़ी, 4 हजार नए स्थानों में हुआ विस्तार

समालखा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपनी स्थापना के शताब्दी वर्ष में संगठन के विस्तार में बड़ी छलांग लगाई है. हरियाणा के समालखा में संघ की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च इकाई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक के दौरान जारी आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले एक साल में संघ की शाखाओं में करीब 6 हजार का इजाफा हुआ है और संघ की पहुंच लगभग 4 हजार नए स्थानों तक हुई है.
89 हजार जगहों पर संघ की शाखाएं
वार्षिक प्रतिवेदन 2025-26 में 12 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के आधार पर बताया गया है कि पिछले साल मार्च में देश भर में संघ की शाखाओं की कुल संख्या 83,129 थी, जो मार्च 2026 में बढ़कर 88,949 हो चुकी है. मतलब एक साल के अंदर ही 5,820 नई शाखाएं शुरू हुई हैं. यह संघ के बढ़ते कैडर और प्रभाव को दर्शाता है.
भौगोलिक विस्तार की दृष्टि से भी संघ ने ऊंची छलांग लगाई है. संघ के ‘स्थान’ के आंकड़े बताते हैं कि मार्च 2025 में संघ 51,740 स्थानों पर सक्रिय था, जो अब बढ़कर 55,683 हो चुके हैं. यानी एक साल के अंदर 3,943 नए ग्रामीण, कस्बाई और शहरी इलाकों में संघ ने अपने स्थान बनाए हैं. आरएसएस ने अपने शताब्दी वर्ष में उन इलाकों पर विशेष फोकस किया है, जहां अभी तक उसकी उपस्थिति अपेक्षाकृत कम थी.
मिलन, मंडली कार्यक्रमों में कितना इजाफा?
नियमित शाखाओं के अलावा संघ साप्ताहिक मिलन और मासिक मंडली कार्यक्रम भी आयोजित करता है. यह मुख्य रूप से उन लोगों के लिए होते हैं, जो रोज समय नहीं निकाल पाते. संघ के ‘मिलन’ और ‘मंडली’ कार्यक्रमों में भी पिछले एक साल के दौरान सकारात्मक वृद्धि हुई है.
