अब कुसमुंडा में भी सर्वेश्वरी के खिलाफ बागी हुए श्रमिक, कामकाज किए ठप्प


कोरबा 30 जनवरी। औद्योगिक जिले कोरबा में शोषण के खिलाफ श्रमिकों की लड़ाई तेज हो गई है। कोयलांचल गेवरा दीपिका के बाद अब श्रमिकों ने सर्वेश्वरी कंपनी के खिलाफ कुसमुंडा में बागी तेवर अपना लिए है। उनका कहना है कि मजदूरी की दर के अलावा कई प्रकार की सुविधाओं से हमें वंचित किया जा रहा है।

ताजा घटनाक्रम में बायलॉज कंपनी के अंतर्गत सर्वेश्वरी इंटरप्राइजेज के श्रमिकों ने कुसमुंडा क्षेत्र में कामकाज ठप कर दिया है। निर्धारित मजदूरी नहीं देने के साथ-साथ दूसरी वित्तीय सुविधाओं के मामले में भारी कटौती और एक तरह से सरकार के द्वारा तय की गई व्यवस्था का लाभ श्रमिकों को नहीं दिए जाने से यह वर्ग बेहद खफा है। बार-बार इसे लेकर श्रमिकों की शिकायतें सामने आती रही है। एक पखवाड़ा पहले ही कोरबा जिले के गेवरा दीपका क्षेत्र में श्रमिकों के द्वारा प्रदर्शन किया गया था। आरोप है कि निगरानी करने वाले अधिकारियों को ऐसे मामलों में पर्याप्त जानकारी होने पर भी उनकी ओर से उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है जिसके कारण मजदूर वर्ग में काफी निराशा है। इसलिए अब उन्होंने अपने तेवर बदले हैं।

2600 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता वाली एनटीपीसी की कोरबा परियोजना में भी अनेक क्षेत्र का कंपनियों के द्वारा मजदूरों का आर्थिक शोषण करने की शिकायतें गंभीर हो गई है। इसे लेकर ठेका कामगार संगठन सामने आया। उसकी ओर से जिला प्रशासन को पूरे मामले से अवगत कराया गया। प्रशासन के अधिकारियों को जानकारी दी गई है कि एनटीपीसी में काम करने वाले ठेका कामगारों के लिए 780 रुपए प्रतिदिन की मजदूरी निर्धारण की गई है लेकिन इसका लाभ उन्हें नहीं मिल रहा है। ठेकेदारों की शोषण वाली प्रवृत्ति के कारण मजदूरों के सामने समस्याएं हैं। प्रशासन को बताया गया कि रिकॉर्ड में 780 रुपए का भुगतान किया जाता है लेकिन इसके बाद मजदूरों से ?400 प्रतिदिन के हिसाब से वापस ले लिए जाते हैं ऐसा नहीं करने पर उन्हें कम से हटाने की धमकी दी जाती है। जिसके कारण मजबूरी में मजदूर अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा वापस करने को मजबूर है।

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