चुनावी रंजिश में भाजपा नेता की हत्या, चार आरोपी गिरफ्तार किए गए, एक नाबालिग भी शामिल

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र में मंगलवार को हुई भाजपा नेता और सिविल ठेकेदार अक्षय गर्ग की हत्या का मुख्य कारण चुनावी रंजिश थी। पुलिस जांच में इस सनसनीखेज और जघन्य हत्याकांड में कुल चार आरोपी शामिल पाए गए हैं। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी और साजिशकर्ता मुस्ताक अहमद है, जिसने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार के साथ साथ कुल्हाड़ी और चाकू भी जब्त कर लिए हैं।

आपको बता दें कि कोरबा जिले में कटघोरा थाना की जटगा पुलिस सहायता केंद्र के अंतर्गत एक निर्माण स्थल पर मंगलवार को कटघोरा के भाजपा नेता, जनपद सदस्य और सिविल ठेकेदार अक्षय गर्ग की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। हत्या की सूचना पाकर डॉ. संजीव शुक्ला, आईजी बिलासपुर रेज मौके पर पहुंचे थे और घटना की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर जांच के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए थे।

हत्या की यह वारदात उस वक्त हुई, जब कटघोरा निवासी अक्षय गर्ग केशलपुर इलाके में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य के मजदूरों को लेने के लिए उनके निवास स्थल पर पहुंचे थे। इसी दौरान कार से आए अज्ञात बदमाशों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हमलावरों ने कुल्हाड़ी और चाकू से ताबड़तोड़ वार किए और वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद गंभीर रूप से घायल अक्षय गर्ग को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतक अक्षय गर्ग भाजपा के वरिष्ठ नेता और क्षेत्र में प्रभावशाली जनप्रतिनिधि माने जाते थे। उनकी हत्या की खबर फैलते ही व्यापारी वर्ग और भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया। कटघोरा शहर स्वस्फूर्त बंद हो गया। वही घटना की गंभीरता को देखते हुए रेंज के आईजी, पुलिस अधीक्षक सहित कोरबा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया और हमलावरों की तलाश के लिए नाकेबंदी की गई है। आईजी बिलासपुर रेज डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया।

विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 8 घंटे से भी कम समय में आईजी और एसपी के मार्गदर्शन में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में मुस्ताक अहमद, विश्वजीत ओगरे, गुलशन दास और एक नाबालिग शामिल है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने स्वयं इस हत्याकांड का खुलासा किया। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने बड़ी बेरहमी से अक्षय गर्ग पर कुल्हाड़ी और चाकू से प्राणघातक हमला किया था। विश्वजीत ओगरे ने कुल्हाड़ी से वार किया, जबकि मुस्ताक अहमद ने चाकू से हमला किया। सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

सिद्धार्थ तिवारी, एस पी कोरबा ने मीडिया को बताया कि कल कटघोरा पुलिस के द्वारा जटका पुलिस सहायता केंद्र के अंतर्गत हमारी एफ आई आर क्रमांक 425/25 दर्ज हुई थी इसके अंतर्गत अक्षय गर्ग जो रोड ठेकेदार भी थे और एक बीडीसी मेंबर थे उनकी अज्ञात हमलावरों ने टांगिया (कुल्हाड़ी) और चाकू से हत्या कर दी थी उसके अंदर पुलिस ने तीन आरोपियों को और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार कर लिया है उनके खिलाफ विधिवत प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त वाहन हथियार और अन्य साक्ष्य रिकवर कर लिया है। इनकी पहचान कार्रवाई कराई जा रही है, प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा और इनको जेल दाखिल कर हम अग्रिम कार्रवाई करेंगे। अभी तक पूछताछ में दो स्पष्ट हुआ है हत्या का एक कारण व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता थी। दूसरा जो आरोपी है उसने इनके खिलाफ बीडीसी का चुनाव लड़ा था जिसमें वह हार गया था और उसके चलते भी एक मनमुटाव की स्थिति निर्मित हुई थी। तीसरा जो कारण सामने आया उसमें आरोपी ने प्रगति पथ नाम की एक संस्था बनाई थी। क्योंकि मृतक रोड के ठेकेदार थे तो रोड में होने वाली अनियमितताओं को वह बार-बार उठाता था। उसकी बात को बहुत गंभीरता से मृतक के द्वारा नहीं सुना गया। वह एक कारण था और इसके अलावा उसका जो क्षेत्र के अंदर रसूख था वह घट रहा था। उसने इन सभी कार्यों के लिए अभी तक को अपने मन में जिम्मेदार माना और इस घटना को कारित किया जैसा हमको पूछताछ में पता चला है।

सिद्धार्थ तिवारी, एस पी कोरबा ने बताया कि जैसे ही यह घटना हमारे संज्ञान में आई वैसे ही हमारे आईजी सर भी घटना स्थल पर पहुंचे थे और मैं भी और हमारी पूरी टीम जिसमें हमारी साइबर की टीम थी हमारी फॉरेंसिक की टीम थी हमारे एडिशनल एसपी ठाकुर साहब भी थे जिनके पर्यवेक्षण में हमने एक विशेष टीम का गठन किया जिसमें सभी थाना क्षेत्र के लगभग 26 अधिकारी कर्मचारी थे। टीआई कटघोरा भी उसमें शामिल थे और इन सभी लोगों ने लगभग 7:30 घंटा के अंदर इसको एक अंधा कत्ल जो बेहद चुनौती पूर्ण था उसको क्रैक करने में पुलिस टीम को सफलता मिली है और हम आई जी के पास इस विशेष टीम को इनाम प्रतिवेदन भी भेज रहे हैं। इन सब में इनका विशेष योगदान रहा।

@- पुलिस थाना कटघोरा, अपराध क्रमांक 425/25, धारा 103(1),238 (ए).61 (2), (ए),3(5) BNS

आरोपियो की भूमिका :-

  1. मिर्जा मुस्ताक अहमद पिता महमूद अहमद उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम मलदा मुख्य आरोपी जिसके द्वारा सर्वप्रथम घटना स्थल पर हत्या के संबंध मे योजना तैयार कर हथियार इकट्ठा कर मृतक के पेट पर वार किया गया है।
  2. विश्वजीत ओग्रे पिता स्व. नागेन्द्र ओग्रे उम्र 21 वर्ष निवासी सिघिया कोरबी उक्त आरोपी के द्वारा मिर्जा मुस्ताक का मुख्य सहयोगी है जिसके द्वारा घटना स्थल पर लोहे की टंगिया से अक्षय गर्ग के सिर पर वार कर चोट पहुंचाया है।
  3. गुलशन दास पिता त्रिभुवन दास उम्र 26 वर्ष निवासी मलदा उक्त आरोपी के द्वारा मृतक अक्षय गर्ग की आवगमन की सूचना मिर्जा मुस्ताक अहमद को दी जाती थी।
  4. विधि से संघर्षरत बालक

हत्या का कारण :-

मृतक अक्षय गर्ग क्षेत्र क्रमांक 18 बिंझरा जनपद मे चुनाव जीत जाने के पश्चात आरोपी मिर्जा मुस्ताक अहमद का उस क्षेत्र से सामाजिक प्रभाव मे कमी।

व्यवसायिक प्रतिद्वंतता आरोपी मिर्जा मुस्ताक अहमद क्षेत्र में ठेकेदारी का काम करना चाहता था किंतु मृतक अक्षय गर्ग के प्रभाव से आरोपी को उक्त क्षेत्र मे ठेके का कार्य न मिलना।

राजनितिक प्रतिद्वंतता पुर्व जनपद चुनाव में मृतक अक्षय गर्ग एवं आरोपी मिर्जा मुस्ताक अहमद के बीच सीधी चुनावी टक्कर थी इस दौरान दोनो के बीच वाद विवाद होना पाया गया। चुनाव में मृतक अक्षय गर्ग जीत गया था।

आरोपी मिर्जा मुस्ताक अहमद द्वारा सड़क निर्माण में अनियमिता को रोकने हेतु प्रगति पथ संस्था बनाया गया था।

देखें आरोपियों का वीडियो –

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