छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती में लगा गड़बड़ियों का आरोप-अभ्यर्थी पहुंचे उच्च न्यायालय

कोरबा पुलिस ने तीन दिन का विशेष हेल्प डेस्क किया शुरू
कोरबा 12 दिसम्बर। छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती के घोषित नतीजों में गंभीर अनियमितताओं के आरोपों ने विवाद खड़ा कर दिया है। चयन प्रक्रिया में असफल हुए सैकड़ों अभ्यर्थी अब बिलासपुर उच्च न्यायालय की शरण में पहुंच रहे हैं। अभ्यर्थियों का आरोप लगाते हुए कहना है कि भर्ती परिणामों में कई खामियां सामने आई हैं, जिनकी तत्काल जांच आवश्यक है।
इसी बीच कोरबा जिला पुलिस ने अभ्यर्थियों की शिकायतों के निराकरण के लिए 12, 13 और 14 दिसंबर को पुलिस अधीक्षक कार्यालय कोरबा में विशेष हेल्प डेस्क की स्थापना की है। शिकायत सुनवाई के लिए हेल्प डेस्क प्रतिदिन दो शिफ्टों में संचालित होगा, जिसके अंतर्गत सुबह 10.30 बजे से 12.30 बजे तक और दोपहर 3.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक इसका संचालन किया जाएगा।
कोरबा जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी और नगर पुलिस अधीक्षक नितीश ठाकुर ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि और समय पर उपस्थित होकर अपनी शिकायतें दर्ज कराएं। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि कई कैटेगिरी में कम अंक पाने वाले उम्मीदवारों का चयन कर लिया गया है, जबकि अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को बाहर कर दिया गया। कई जिलों में एक ही अभ्यर्थी का नाम सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग दोनों की प्रतीक्षा सूची में पाए जाने के मामले भी सामने आए हैं। इन विसंगतियों के आधार पर अभ्यर्थी बिलासपुर उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उच्च न्यायालय इन आरोपों की जांच पूरी नहीं कर लेता, तब तक नियुक्ति आदेश जारी नहीं किए जाने चाहिए।
बताया जा रहा हैं की आरक्षक भर्ती में सामने आए इन विवादों ने प्रदेशभर में असंतोष बढ़ा दिया है, वहीं पुलिस विभाग द्वारा शुरू किया गया हेल्प डेस्क अभ्यर्थियों की शंकाओं के समाधान में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
