जब दिग्गज भाजपा नेताओं को थाने में बैठाया था DSP कल्पना वर्मा ने, देखें हैरान करने वाली यह तस्वीर

DSP कल्पना वर्मा की हनक ! थाने में ऐसे बैठाया था बीजेपी नेता ओपी चौधरी, विजय शर्मा और अरुण साव को, जनप्रतिनिधियों के साथ दोयम दर्जे के व्यवहार की देखें तस्वीरें…

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रायपुर: छत्तीसगढ़ पुलिस की DSP कल्पना वर्मा इन दिनों सुर्खियों में है। ब्लैकमेलिंग,धोखाधड़ी समेत कई गंभीर आरोप उन पर लगे है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हैं। इस बीच कांग्रेस राज में उनके भौकाल की ऐसी तस्वीरें भी वायरल हो रही है, जो तस्दीक करती है, कि तत्कालीन सत्ताधारी कांग्रेस राज में चलनशील आईपीएस अधिकारियों के इशारों पर DSP कल्पना वर्मा किसी के भी साथ बदसूलकी करने में पीछे नहीं रहती थी। वर्दी की गरिमा तार-तार करने में जूनियर महिला DSP ने अपनी तमाम हदें पार कर दी थी। उन्होंने राजनैतिक समीकरणों को बखूबी ध्यान रखते हुए तत्कालीन अधिकारियों के निर्देश पर बीजेपी के वरिष्ठ नेताओ की दलीलों को भी नजर अंदाज कर दिया था।

आप जानकर हैरान रह जाएंगे,कि बीजेपी के तीन धुरंधर नेताओं के साथ मंदिर हसौद थाने में DSP कल्पना वर्मा काफी हलके ढंग से पेश आई थी। उन्होंने इन तीनो वरिष्ठ नेताओं को अपमानित करने के लिए उनकी दलीलों को ना केवल नजर अंदाज किया था, बल्कि उनके समक्ष मोबाइल पर पूरे समय वीडियो गेम खेलने में व्यस्त रही थी। कहते है, कि तस्वीरें झूठ नहीं बोलती, DSP कल्पना वर्मा के विवादों में आते ही अब ये तस्वीर भी चर्चा में आ गई है। यह घटना उस वक्त की बताई जाती है, जब भू-पे राज में गौसेवकों पर कहर टूट रहा था। मंदिर हसौद इलाके में गौसेवकों पर अत्याचार करने वालों पर बीजेपी के तीनों वरिष्ठ नेता कार्यवाही की मांग को लेकर मंदिर हसौद थाने पहुंचे थे। विपक्ष के तत्कालीन नेता अब केबिनेट और उपमुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज है। वक्त का पहिया अपनी रफ़्तार पर है, तस्वीरों में नजर आ रहे, ओपी चौधरी वित्त मंत्री, विजय शर्मा और अरुण साव उपमुख्यमंत्री के पद पर विराजमान है।

जबकि कल्पना वर्मा से निजात दिलाने के लिए पीड़ित की पत्नी बरखा उन्हें गुनहगार बता रही है। यही कहना बरखा के पति दीपक टंडन का भी है। ना माया मिली, ना राम की तर्ज पर दीपक अब सिर्फ हाथ मलते नजर आ रहे है। उधर, कुछ बेलगाम पुलिस अधिकारियों पर वैधानिक कार्यवाही किये जाने का भार इन्ही मंत्रियों के कंधे पर आ टिका है।

DSP कल्पना वर्मा बनाम दीपक टंडन-

दोनों ही पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। दीपक ने जहां कल्पना पर प्यार का झांसा देकर कंगाल बना देने का आरोप लगाया है। वही कल्पना भी दीपक के आरोपों को बेबुनियाद बता रही है, चर्चा में आई DSP के भाई राकेश वर्मा ने भी दीपक की पत्नी बरखा के खिलाफ़ थाने में नामज़द शिकायत की है।

इधर, दीपक टंडन दलील दे रहे है,कि उनके द्वारा अपनी पत्नी को तलाक देने से इंकार करने के बाद DSP कल्पना वर्मा उनकी पत्नी बरखा के खिलाफ़ लगातार बेबुनियाद शिकायतें कर रही है। ताकि प्रताड़ित कर उनकी पत्नी को तलाक के लिए विवश किया जा सके। उनका यह भी दावा है, कि कल्पना ने उनके (दीपक) के ख़िलाफ़ कोई शिकायत नहीं की है, जबकि उनकी पत्नी बरखा पर आरोप पर आरोप लगाए जा रही है। दोनों पक्षों के बीच वाद-विवाद लगातार गहराता जा रहा है।

इस बीच कई रोचक दास्तान, तस्वीरें और वीडियो भी सामने आ रहे है, जो तस्दीक करते हैं, कि DSP कल्पना वर्मा बनाम दीपक टंडन मामले में, दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि दाल ही पूरी काली है। यह मामला अब मनी लॉन्ड्रिंग और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के प्रकरण से भी जोड़कर देखा जाने लगा है।

जानकारी के मुताबिक, DSP कल्पना वर्मा ने भू-पे राज के मात्र 5 वर्षों में करोड़ों का वारा- न्यारा किया था। सूत्रों के मुताबिक, इस दौर में DSP कल्पना वर्मा अपने पिता हेमंत वर्मा के नाम पर प्रदेश के कई जिलों में जमीनें,फार्म हाउस, खेत-खलिहान और अन्य अचल संपत्ति की खरीदी में व्यस्त रही थी। प्रदेश के कई जिलों में उनके परिजनों के नाम करोड़ों की संपत्ति की खरीद-फ़रोख्त भी सामने आई है।

यह भी बताया जाता है, कि महिला DSP के पिता NTPC से रिटायर्ड कर्मी है। वर्ष 2021- 22 में वे सेवानिवृत्त हुए थे। लेकिन DSP कल्पना वर्मा ने अपने पिता के रिटायर्ड होने से पूर्व ही वर्ष 2019 से लेकर 2023 के बीच दर्जनों जिलों में बेशकीमती जमीनों की खरीद-फ़रोख्त को अंजाम दिया था। उनके द्वारा यह जमीनें किनके लिए खरीदी गई ? यह जाँच का विषय है। एक जानकारी के मुताबिक, इसमें रायपुर के ओल्ड विधान सभा मार्ग स्थित टेकारी ग्राम के निकट, बिलासपुर, मस्तूरी, राजनांदगांव, धमतरी के अलावा अन्य इलाकों में भी जमीनों पर बड़ा निवेश DSP के परिजनों द्वारा किया था।

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