भ्रमित ना हों, बहुत आसान है – SIR का फार्म भरना, यहां जानें पूरी प्रक्रिया

रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू होने के बाद छत्तीसगढ़ के ज्यादातर घरों में बीएलओ पहुंच चुके हैं। अब आयोग की ओर से उपलब्ध कराए गए फार्म को भर कर बी एल ओ के पास जमा करने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। लेकिन सभी लोग इसे भरने में स्वयं को सक्षम नहीं पा रहे हैं। इस स्थिति में आम लोगों का मार्गदर्शन जरूरी हो गया है। कायदे से यह कार्य राजनीतिक दलों के बी एल ओ और शहरी क्षेत्रों में पार्षदों तथा ग्रामीण क्षेत्र में पंचों को करना चाहिए। उन्हें मतदाताओं के सहयोग के लिए सामने आना चाहिए, परन्तु इनमें से कोई भी मतदाताओं का सहयोग करने के लिए सक्रिय नहीं है। इस स्थिति में यह समाचार किसी हद तक मतदाताओं के लिए उपयोगी सिद्ध हो सकता है।

निर्वाचन आयोग के फार्म के एक हिस्से को ही मतदाता को भरना है। इसका विवरण फार्म में ऊपर के हिस्से में प्रिंट है। यह बहुत आसानी के साथ भरा जा सकता है। मतदाता द्वारा भरा जाने वाला विवरण का प्रारूप निम्न है –

कौन-कौन से विवरण देने होगे

जन्म तिथि (DD/MM/YYYY)
आधार सख्या (वैकल्पिक)
मोबाइल नबर
पिता/अभिभावक का नाम
मा का नाम और EPIC नबर
उपलब्ध होने पर पिता या अभिभावक का EPIC नंबर
पति/पत्नी का नाम और EPIC नबर

अनेक लोग नई जगह पर रहने लगे हैं। ऐसे लोगों को अपना फार्म पुराने पते के बी एल ओ से हासिल करना होगा। अगर ऐसा नहीं कर पाते तो उन्हें निर्वाचन आयोग के वेब साइड में जाकर अपने पुराने पते के वोटर लिस्ट से विवरण लेना होगा।

इपिक नंबर को लेकर भी लोग भ्रमित हैं, तो आपको पता होना चाहिए कि आपके मतदाता पहचान पत्र में अंकित नंबर को इपिक नंबर (Electors Photo Identity Card Number-EPIC) कहा जाता है। यह नंबर मतदान प्रक्रिया में आवश्यक होती है। साथ ही, इसका उपयोग कई अन्य सरकारी और गैर-सरकारी सेवाओं में भी प्राथमिक पहचान के रूप में किया जा सकता है। एपिक नंबर अल्फान्यूमेरिक होता है। नई श्रृंखला में इसे 10 अक्षरों के कोड के रूप में जारी किया जाता है।

मतदाता को स्वयं का, माता पिता का और पति/ पत्नी का मतदाता पहचान पत्र का विवरण फार्म में दर्ज करना होगा। इसलिए इन सबका मतदाता पहचान पत्र अगर उपलब्ध है, तो उसका विवरण फार्म में दर्ज कर फार्म को बी एल ओ को दिया जा सकता है। यह प्रक्रिया बिल्कुल आसान है और किसी भी तरह से भ्रमित होने की जरूरत नहीं है। यही प्रक्रिया पूरे देश में अपनाई जाएगी।

एपिक नंबर क्यों है महत्वपूर्ण?
पहचान प्रमाण: 

एपिक नंबर वाला वोटर आईडी कार्ड नागरिकों के लिए एक वैध पहचान प्रमाण, पता प्रमाण और आयु प्रमाण के रूप में काम करता है। कई सरकारी दस्तावेजों और सेवाओं में इसे मानक प्रमाण पत्र माना जाता है।

मतदान के लिए अनिवार्य
देश में होने वाले किसी भी चुनाव, चाहे वह लोकसभा, विधानसभा, नगरपालिका या पंचायत चुनाव हो, इनमें वोट डालने के लिए मतदाता के पास एपिक नंबर होना अनिवार्य होता है। यह नंबर मतदाता की पहचान की पुष्टि करता है। यह फर्जी मतदान को रोकता है।

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